करौली

राजस्थान के इस शहर में फूलों की खेती से बदली किस्मत, किसान हो रहे हैं मालमाल

Flower Farming : राजस्थान में फूलों की खेती से किसानों की किस्मत बदल रही है। किसान मालमाल हो रहे हैं। सावों के सीजन में आमदनी दोगुना और चौगुना हो रही है।

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राजस्थान के इस शहर में फूलों की खेती से बदली किस्मत, किसान हो रहे हैं मालमाल

Flower Farming : राजस्थान में फूलों की खेती से किसानों की किस्मत बदल रही है। किसान मालमाल हो रहे हैं। शादी विवाह व धार्मिक आयोजनों के सीजन में फूलों की मांग बढ़ जाती है। शादियों में कार, मैरिज होम आदि के सजावट के लिए फूलों की मांग अधिक हो जाती है। ऐसे में फूलों की खेती करने वाले किसान माला-माल हो रहे हैं। फूलों की मांग बढ़ने से किसानों को आमदनी भी अच्छी हो रही है। ऐसे में कई किसान गुलाब, गेंदा आदि की खेती की ओर से रुझान बना रहे हैं। करौली जिले में कई जगह फूलों की खेती हो रही है। फूलों की सप्लाई स्थानीय क्षेत्र के अलावा आसपास के जिलों के कस्बा-शहरों में भी होती है।

चार गुना तक बढ़े दाम

जानकारी के अनुसार नवरात्र के समय से ही फूलों की मांग चल रही थी। नवरात्र में फूलों के दाम के मुकाबले मौजूदा वक्त दाम चार गुना तक बढ़ गए हैं। नवरात्र से पहले फूलों के दाम 20 रुपए किलो चल रहा था, लेकिन अब यह 80 रुपए किलो पहुंच गया है। इसी प्रकार गुलाब के फूल 100 रुपए किलो से बढ़कर 300 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं।

इस वक्त फूलों का भाव मिल रहा है अच्छा

आमकाजाहिरा के किसान मोहनलाल मीना व काडूराम मीना ने बताया कि इस समय गुलाब के फूलों की मांग अधिक है। विवाह में सजावट के अलावा स्टेज पर वरमाला आदि में फूलों की मांग अधिक है। इस समय फूलों का भाव अच्छा मिल रहा है। फूलों को अलवर, गंगापुर सिटी, मेहंदीपुर बालाजी आदि जगह बेचने के लिए भेजते हैं। रोजाना 20 से 25 किलो फूलों की बाजार में खपत हो जाती है।

गुलाब व मोगरा की मांग अधिक

फूल विक्रेता मनोज कुमार ने बताया कि इस वर्ष अप्रेल व मई में सावे अधिक हैं। इस कारण फूलों के दाम और बढ़ने की संभावना है। गुलाब व मोगरा की मांग अधिक है। मोगरा के दाम 500 रुपए किलो तक चल रहे हैं।

Published on:
22 Apr 2024 05:23 pm
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