करौली

सरकार से आस सेटेलाइट के प्रस्ताव हों पास

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Mar 15, 2019
karauli hindi news
सरकार से आस सेटेलाइट के प्रस्ताव हों पास

करौली. शहर में रियासतकाल से संचालित सामान्य चिकित्सालय के मण्डरायल रोड पर नवनिर्मित भवन में स्थानान्तरण की चल रही कार्रवाई से बेचैन हो रहे शहरवासियों को इसके विकल्प में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। नए भवन में मातृ-शिशु इकाई को एक वर्ष पहले स्थानान्तरित किया जा चुका है और अन्य यूनिटों को भी वहां शिफ्ट करने की तैयारी है।

शहर से दूर चिकित्सा सुविधा के जाने से आहत हो रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि मौजूदा चिकित्सालय भवन में सेटेलाइट चिकित्सालय खोले जाने की योजना पर काम किया जा रहा है। चिकित्सालय प्रशासन ने राज्य सरकार को इस बारे में प्रस्ताव भेजे हैं।

अब राजनीतिक प्रयासों से सरकार से इस प्रस्ताव की स्वीकृति मिलने पर शहर के लोगों को सामान्य चिकित्सा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। जानकारों के अनुसार सेटेलाइट अस्पताल करीब 50 बैड का होता है, जिसमें पर्याप्त चिकित्सक व नर्सिंगकर्मी नियुक्त होते हैं। यदि ऐसा होता है कि तो शहरवासियों को करीब 6 किलोमीटर दूर नए चिकित्सालय भवन की भाग-दौड़ से काफी हद तक निजात मिल जाएगी।

इसलिए नए भवन की हुई दरकार
करीब एक शताब्दी से करौली में चिकित्सालय का संचालन हो रहा है। यह चिकित्सालय हिण्डौन गेट बाहर स्थित भवन में संचालित है। पिछले दशकों में इस मार्ग पर आबादी बढऩे के साथ दुकानों का विस्तार हो गया, जिससे चिकित्सालय घनी आबादी क्षेत्र में आ गया। वहीं पिछले कुछ वर्षों में चिकित्सालय में रोगियों की संख्या में भी खूब इजाफा हुआ। इसके चलते राज्य सरकार ने अस्पताल के नए भवन के लिए मण्डरायल रोड पर सैलोकर हनुमानजी के समीप भूमि आवंटित कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण करा दिया। गत वर्ष फरवरी माह में कुछ यूनिटों को यहां से नए भवन में स्थानान्तरित भी कर दिया गया, जिससे पुराने भवन में कुछ दबाव कम हो गया।

जुलाई तक पूरा चिकित्सालय नए भवन में होगा शिफ्ट

गत वर्ष नए भवन में प्रसूति विभाग, शिशु वार्ड (एमसीएच) यूनिट को शिफ्ट कर दिया गया। जबकि पुराने भवन में सामान्य बीमारियों के अलावा ट्रोमा वार्ड, स्किन, आर्थों, ईएनटी, आई आदि यूनिट संचालित हैं। जुलाई तक अन्य विभागों के भी नए भवन में स्थानान्तरण की संभावना है।

दूसरे जिलों तक से आते हैं रोगी
225 पलंगों के स्वीकृत यहां के सामान्य चिकित्सालय में ना केवल करौली जिले के रोगी उपचार के लिए पहुंचते हैं, बल्कि आसपास के जिलों के शहरों के भी रोगी बड़ी संख्या में यहां आते हैं। चिकित्सालय में करौली सहित सपोटरा, मण्डरायल, हिण्डौनसिटी, कुडग़ांव, मासलपुर, नादौती, टोडाभीम इलाकों के समीप के सवाईमाधोपुर जिले के गंगापुरसिटी, धौलपुर जिले के धौलपुर, सरमथुरा, बाड़ी, बसेड़ी आदि इलाकों के रोगी उपचार के लिए आते हैं। इतना नहीं मण्डरायल के समीप चम्बल नदी के उस पार मध्यप्रदेश के सबलगढ़ व आसपास के रोगी भी इसी चिकित्सालय के उपचार के लिए आते हैं, जिसके चलते यहां अस्पताल पर काफी दबाव भी रहता है।

आमजन हित में भेजा प्रस्ताव
चिकित्सालय प्रशासन की ओर से सेटेलाइट चिकित्सालय के प्रस्ताव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक (जनस्वास्थ्य) को भेजे गए हैं, जिसमें बताया है कि नए भवन में पूर्व में कुछ विभाग स्थानान्तरित किए जा चुके हैं, जबकि जुलाई तक अन्य विभागों के स्थानान्तरण की संभावना है। वर्तमान चिकित्सालय करीब 100 वर्ष पूर्व से संचालित हैं व शहर के मध्य हैं। आमजन एवं रोगी हितों के मद्देनजर रखते हुए वर्तमान चिकित्सालय के भवन में सेटेलाइट चिकित्सालय की स्वीकृति का आग्रह किया गया है।

विरोध के उभर रहे स्वर
चिकित्सालय के नए भवन की दूरी को लेकर लोग विरोध भी जता रहे हैं।
लोगों का कहना है कि नए अस्पताल तक पहुंचना सहज सुलभ नहीं है। ऐसे में पुराने चिकित्सालय भवन में जनरल वार्ड, इमरजेंसी, ट्रोमा, प्रसूति विभाग को यथावत रखा जाना चाहिए।

भेजे हैं प्रस्ताव
वर्तमान सामान्य चिकित्सालय में सेटेलाइट चिकित्सालय की स्वीकृति के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं (जनस्वास्थ्य) निदेशक को प्रस्ताव भिजवाए गए हैं।
डॉ. बीएल मीना, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, करौली

Published on:
15 Mar 2019 12:15 pm