करौली

करौली के जिला कलक्टर ने डॉक्टरों को पिलाई मानवता की घुट्टी,अनुशासन का डर भी दिखाया

rajasthan patrika hindi news.com
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Oct 24, 2018
Improvements in the system
करौली के जिला कलक्टर ने डॉक्टरों को पिलाई मानवता की घुट्टी,अनुशासन का डर भी दिखाया




करौली.स्थानीय राजकीय सामान्य अस्पताल में डेंगू बुखार की जांच के नाम पर मरीजों का आर्थिक शोषण करने का मामला राजस्थान पत्रिका के स्टिंग ऑपरेशन में उजागर होने के बाद अस्पताल प्रबंधन में हडकम्प मच गया है। बुधवार को जिला कलक्टर अभिमन्यु कुमार ने अस्पताल पहुंच चिकित्सकों की क्लास लेकर मानवता की घुट्टी पिलाई साथ ही कानून का डर भी दिखाया। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के प्रबंध निदेशक नवीन जैन ने इस मामले में जिला कलक्टर से जांच रिपोर्ट मांगी है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका में २४ अक्टूबर को उपचार के नाम पर कट रही मरीजों की जेब शीर्षक से समाचार प्रकाशित हुआ तथा करौली पत्रिका फेसबुक पेज पर स्टिंग ऑपरेशन लाइव किया गया। इसके बाद से ही विभाग में हडक़म्प मच गया। लाइव प्रसारण को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन राजस्थान के प्रबंध निदेशक नवीन जैन ने देखा तथा मिशन के जिला प्रबंधक आशुतोष पाण्डेय को जांच के आदेश दिए थे।
मशीन खरीदो, सिस्टम सुधारो
जिला कलक्टर लगभग तीन बजे राजकीय अस्पताल पहुंचे। कलक्टर ने पीएमओ को सूचित कर सभी चिकित्सकों को बुला लिया। अस्पताल के सभागार में उन्होंने पीएमओ के साथ चिकित्सकों की बैठक ली। सूत्रों ने बताया कि कलक्टर ने कहा कि एक साथ बड़ी संख्या में अस्पताल में भर्ती मरीजों की जांच निजी क्लीनिकों पर होना गम्भीर मामला है,ये सिस्टम की खामी को दर्शाता है। इस दौरान दो चिकित्सकों ने कहा कि मरीज खुद की संतुष्टि के लिए निजी क्लीनिकों पर जांच कराते है। जिस पर कलक्टर ने नाराजगी जाहिर करते है कि आपकी व्यवस्थाएं खराब है, अस्पताल के सिस्टम पर भरोसा नहीं है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घर पर मरीजों को सलाह दी जा सकती है। लेकिन आउटडोर से गायब होना, वार्डो में चहेतों मरीजों को विशेष तवज्जों तथा अन्य की उपेक्षा करना राजकीय कार्यों के खिलाफ है। अस्पताल के आउटडोर से गायब रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश पीएमओ को दिए। कलक्टर ने मानवीयता का ध्यान रखने का चिकित्सकों से कहा।
रिकॉर्ड देखा, लैब का निरीक्षण भी किया
कलक्टर ने अस्पताल के मेडिकल वार्ड सहित अन्य वार्डों में भर्ती डेंगू बुखार से पीडि़त मरीजों का रिकॉर्ड देखा। उन्होंने प्रयोगशाला का भी गहनता से निरीक्षण किया तथा सभी प्रकार की जांचों के बारे में जानकारी ली। कलक्टर ने कहा कि मरीजों को समय पर जांच रिपोर्ट देने की व्यवस्था की जाए। रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से मरीजों को भटकना पड़ता है। उन्होंने सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश भी पीएमओ को दिए।
सीवीसी मशीन आएंगी, निगरानी के लिए कैमरे लगेंगे
बैठक में पीएमओ ने जिला कलक्टर को बताया कि मरीजों के अनुसार सीवीसी मशीन कम है। कलक्टर ने तत्काल दो नई सीवीसी मशीन मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी के बजट से खरीदने के आदेश दिए। उन्होंने चिकित्सकों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए आउटडोर तथा वार्डों सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए। सीसीटीवी कैमरे लगने से आउटडोर से चिकित्सक गायब नहीं होंगे तथा बाहरी व्यक्तियों की गतिविधि कैमरे में कैद हो सकेगी। इसके अलावा आवश्यता के हिसाब से सोनोग्राफी मशीन मातृ एवं शिशु कल्याण स्वास्थ्य केन्द्र में शिफ्ट करने को कहा।
समिति दो दिन में रिपोर्ट कलक्टर को देगी
निजी क्लीनिकों पर मरीजों की जांच कराने तथा मेडिकल दुकानों से दवाई मंगवाने के मामले की जांच के लिए कलक्टर ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया। पीएमओ (प्रमुख चिकित्सा अधिकारी) बाबूलाल मीना ने बताया कि अस्पताल के उपनियंत्रक भुवनेश बंसल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी अनिता खुराना, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी परिवार कल्याण दिनेश मीना व लैब प्रभारी को शामिल किया है। उन्होंने बताया कि समिति दो दिन में जांच करके रिपोर्ट जिला कलक्टर को देगी।

Published on:
24 Oct 2018 09:12 pm