करौली

राजस्थान के इस गांव में मौत के साए के बीच स्कूल का सफर तय करते विद्यार्थी, पुल का निर्माण अधूरा

rajasthan patrika hindi news.com
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Mar 27, 2019
In the village of Rajasthan, a student traveling to school between the
राजस्थान के इस गांव में मौत के साए के बीच स्कूल का सफर तय करते विद्यार्थी, पुल का निर्माण अधूरा


करौली की जाटव बस्ती मचेट का है मामला
विनोद शर्मा
करौली. जिला मुख्यालय की निकटवर्ती पंचायत मांची की जाटव बस्ती मचेट की नदी पर पुल निर्माण शुरू कराके तीन साल पहले तत्कालीन जिला कलक्टर ने सरकार से वाहवाही बटोरी थी, लेकिन यह पुल अधूरा पड़ा है। इस कारण गांव से आने जाने के लिए ग्रामीण व स्कूल के विद्यार्थियों को जोखिम भरा रास्ता पार करनापड़ता है। जाटव बस्ती मचेट के निवासी वर्षो से नदी को पार करके ही पंचायत मुख्यालय व करौली जिला मुख्यालय पर आत-जातेे हैं।
आवागमन की इस दिक्कत का मामला तीन साल पहले मानवअधिकार आयोग के सामने आया। इस पर आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर आवागमन की सुविधा के बारे में जानकारी चाही। तब तत्कालीन जिला कलक्टर मनोज कुमार शर्मा ने पंचायत के सहयोग से अस्थायी पुल का निर्माण शुरू कराया। इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज अपना दायित्व पूरा समझ लिया। इतना ही नहीं पंचायत के सरपंच को सम्मानति भी किया गया। बाद में इस नदी पर स्थायी पुल निर्माण के लिए ६ मार्च 2018 को ३९ लाख ७२ हजार रुपए पंचायत समिति ने राज्य वित्त आयोग पंचम, 14वें वित्त आयोग व मनरेगा योजना के तहत मंजूर किए। ग्राम पंचायत ने ठेकेदार से काम शुरू करा दिया।
महीनों से काम पड़ा है बंद
पुल के निर्माण में शुरू से पंचायत उदासीन रही। कुछ माह पहले गांव के सरकारी प्राथमिक स्कूल की पानी की टंकी ढहने से छात्र की मौत हो गई। तब जिला प्रशासन, शिक्षा व पंचायत राज के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के गांव में पहुंचाने के लिए तेज गति से काम किया। इसके एक पखवाड़े बाद कार्य को बंद कर दिया गया तब से काम बंद पड़ा है। जिम्मेदार अधिकारियों ने इस पुल निर्माण प्रगति की समीक्षा भी नहीं की।
बालिकाओं ने छोड़ा स्कूल
पुल निर्माण के लिए पिलर खड़े करके काम बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों ने मौके पर पड़े लोहे के सरिए तथा कुछ सामान अपने स्तर पर खरीदकर पिलरों पर रख दिए है। इन्हें पकड़कर स्कूल के विद्यार्थ व ग्रामीण निकलते है। गांव के विक्रम जाटव ने बताया कि अकेली महिलाएं व बच्चे पुल को पार नहीं कर सकते है।
सरियों से नीचे गिरने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि पांचवी क्लास के बाद दूसरे गांव के स्कूल में पढऩे जाना पड़ता है, जिससे बालिकाएं आवागमन में जोखिम के कारण स्कूल नहीं जा पाती है। अनेक बालिकाओं ने इस कारणसे पढऩा छोड़ा है। गांव के हेमसिंह व ओमप्रकाश जाटव ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि गांव के युवकों को मोटरसाइकिल दूसरे गांव में खड़ी करनी पड़ती है।
पंचायत को नोटिस जारी किया है
पुल निर्माण अधूरा रहने के मामले में ग्राम विकास अधिकारी को नोटिस जारी किया है। यदि पंचायत ने जल्द कार्य शुरू नहीं किया तो सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी।
गुलाब सिंह गुर्जर विकास अधिकारी पंचायत समिति करौली
पानी भरा हुआ है
नदी में पानी भरा हुआ है, जिससे कार्य अधूरा पड़ा है। अब जल्द कार्य शुरू कराया जाएगा।
हरिसिंह मीना सरपंच मांची

Published on:
27 Mar 2019 09:04 pm