मुंशी त्रिलोकचंद माथुर स्टेडियम में मोबाइल वितरण
करौली. इंदिरा गांधी स्मार्ट फोन योजना में अब सरकार ने व्यापारियों को भी जनआधार वॉलेट से जोड़ दिया है। अब मोबाइल व सिम देने वाली फर्मों को सरकारी ई-वॉलेट में ही भुगतान मिल रहा है। संभवतया राजस्थान ऐसा पहला राज्य हो सकता है। जहां सरकार ने ई-वॉलेट से व्यापारियों को जोड़ा हो।मुंशी त्रिलोकचंद माथुर स्टेडियम में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक मोबाइल वितरण शुरू नहीं हुआ। अब तक मोबाइल हैंडसेट व सिम कंपनियां निजी कंपनियों के प्लेटफॉर्म से ऑनलाइन भुगतान ले रहे थे। लेकिन सरकार ने मोबाइल व्यापारियों के लिए भी सरकारी ई-वॉलेट यानि जनआधार ईवॉलेट जरूरी कर दिया। इस दौरान फर्म का वॉलेट बना क्यूआर कोड जारी किया गया। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे बाद मोबाइल वितरण शुरू हुआ।
करते रहे इंतजारमोबाइल नहीं मिलने के कारण लोग देर तक काउन्टर पर इंतजार करते रहे। बाद में दोपहर 12 बजे बाद क्यूआर कोड जारी होने पर मोबाइल वितरण शुरू हुआ। केशव सोनी ने बताया कि अब पेमेन्ट जनआधार वॉलेट में लिया जा रहा है।
सैटेलमेन्ट की चिंतानिजी कंपनियों में पेमेन्ट शाम व सुबह सेटलमेन्ट होता है। यानि पैसा खाते में चला जाता था। जनआधार ऐप सेटलमेन्ट कैसे होगा इसकी व्यापारियों को जानकारी नहीं है।
इन्हें मिल रहे मोबाइल
प्रथम चरण में सरकारी विद्यालयों में 9वीं से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्राओं, उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं, विधवा, एकल नारी पेंशन प्राप्त कर रही महिला, वर्ष 2022-23 में महात्मा गांधी नरेगा योजना में 100 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले परिवारों की महिला मुखिया, वर्ष 2022-23 में इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना में 50 कार्य दिवस पूर्ण करने वाले परिवारों की महिला मुखिया को स्मार्ट फोन वितरित किए जा रहे हैँ।अच्छा लग रहा है
सरकार ने मोबाइल दिया बहुत अच्छा लग रहा है। मोबाइल आज की जरूरत है। मुझे बच्चों से बात करने में आसानी होगी।दुर्गा देवी, लाभार्थी
इन दस्तावेजों की जरूरतजनआधार, आधार, पैन कार्ड व अन्य।