करौली

गौवंश की धमाचौकड़ी बनी परेशानी

नादौती. मॉड क्षेत्र में आवारा गौवंश की धमाचौकड़ी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। इन पर अंकुश लगाना किसानों के लिए चुनौती साबित हो रहा है। आवारा गौवशं कभी खेतों में तो कभी बीच सड़क पर घूमते रहते हैं। खेतों में फसल नष्ट कर रहे हैं और सड़कों पर राहगीरों को घायल।हाड़कंपाने वाली सर्दी में रात को फसल की सुरक्षा करना मुश्किल हो गया है।
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Dec 29, 2018
karauli
गौवंश की धमाचौकड़ी बनी परेशानी

नादौती. मॉड क्षेत्र में आवारा गौवंश की धमाचौकड़ी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। इन पर अंकुश लगाना किसानों के लिए चुनौती साबित हो रहा है। आवारा गौवशं कभी खेतों में तो कभी बीच सड़क पर घूमते रहते हैं। खेतों में फसल नष्ट कर रहे हैं और सड़कों पर राहगीरों को घायल।हाड़कंपाने वाली सर्दी में रात को फसल की सुरक्षा करना मुश्किल हो गया है।
इन गांवों में बढ़ी संख्या
मॉड क्षेत्र के कस्बा शहर, नादौती, खूडाचैनपुर, गुडली, गढ़ीखेमपुर, बाडापिचानौत, सावटा, बागौर, बामौरी, सलावद, गढख़ेड़ा, ढहरिया, कैमरी, बडागांव, तेसगांव, ककला, बीलई, रौंसी, कैमला, मिलकसराय, सोप, ल्हावद सहित अधिकांश गांवों में आवारा गौवंश की संख्या अधिक है। आवारा गौवंश झुण्ड के रूप में घूमते रहते हैं।खेतों में लगी कंटीली तारबंदी व मेड़ को भी ये लांघकर घुस जाते हैं।
बिजार से भय अधिक
किसानों को बिजार से भय अधिक है। किसानों ने बताया कि भगाने पर ये हमला करने के लिए दौड़ते हैं। रात के अंधेरे में तो दिखाई ही नहीं देते हैं। खेतों में कई बिजार घूमते रहे हैं। खेतों से निकलते नहीं है।
सुरक्षा की मांग
किसानों ने सरकार से आवारा गौवंश की समस्या से निजात दिलाने व सुरक्षा की मांग की है वहीं प्रत्येक गांव में गौ शाला खुलवा कर आवारा गौवंश को उसमें छुड़वाने की मांग भी है।

Updated on:
29 Dec 2018 11:50 am
Published on:
29 Dec 2018 11:50 am