कैलादेवी आस्थाधाम में कालीसिल नदी में स्नान करके कैलामाता के दर्शन करने की धार्र्मिक मान्यता प्रचलित है। इस मान्यता के कारण काफी संख्या में श्रद्धालु इस नदी में स्नान करके माता के दर्शन करने को जाते हैं। मेले के दौरान तो तड़के से शाम तक यहां नहाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। आस्थाधाम में अनेक धार्मिक आयोजनों का आगाज भी कालीसिल नदी के तट से ही होता है।

कैलादेवी आस्थाधाम में कालीसिल नदी में स्नान करके कैलामाता के दर्शन करने की धार्र्मिक मान्यता प्रचलित है। इस मान्यता के कारण काफी संख्या में श्रद्धालु इस नदी में स्नान करके माता के दर्शन करने को जाते हैं। मेले के दौरान तो तड़के से शाम तक यहां नहाने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। आस्थाधाम में अनेक धार्मिक आयोजनों का आगाज भी कालीसिल नदी के तट से ही होता है।
आस्थाधाम में उत्तर भारत प्रसिद्ध चेत्र माह का लक्खी मेला २० मार्च से शुरू हो रहा है। इसकी व्यापक तैयारियां चल रही हैं। कैलादेवी आस्थाधाम से पुलिस तथा प्रशासन द्वारा सोमवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का असर मंगलवार को भी नजर आया। मंगलवार को सुबह सड़क पर दुकानदारों ने सामान नहीं रखा और अस्थायी अतिक्रमणों को स्वयं ही हटा दिया। मंगलवार को सड़क पर भी थडियां कम नजर आईं। प्रशासन का कहना है कि सोमवार को अतिक्रमण हटाने की प्रशासन की समझाइश पर दुकानदारों ने अस्थाई अतिक्रमणों को मंगलवार को स्वेच्छा से हटाना प्रारंभ कर दिया। इधर उपखण्ड अधिकारी ने बताया है कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को कालीसिल नदी में स्वच्छ पानी उपलब्ध हो सके इसके लिए कालिसिल नदी की सफाई नावों द्वारा कराई जा रही है। इन तैयारियों में ही इन दिनों कालीसिल नदी की गंदगी को नावों के जरिए से साफ किया जा रहा है। जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ जल मिल सके। इस नदी की स्वच्छता को लेकर एनजीटी ने भी प्रशासन को सख्त आदेश दिए हुए हैं।