
करौली. राजस्थान शिक्षक संघ प्रगतिशील की ओर से विभिन्न मांगों को लेकर जिला कलक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। संघ के जिलाध्यक्ष रामनिवास पाराशर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में वन नेशन वन राशन कार्ड में सिडिंग का कार्य शिक्षकों, बीएलओ से नहीं कराकर पंचायत सहायक या अन्य कार्मिकों से माध्यम से कराने, सन 2012, 2013, 2015 तथा 2018 में नियुक्त शिक्षकों का स्थायीकरण कराने की मांग की गई है।
इसी क्रम में बताया गया है कि बीईईओ एवं बीडीओ कार्यालयों में कार्य की अधिकता के चलते ग्रीष्मावकाश के दौरान शिक्षकों को आदेश जारी कर कार्य संपादन के लिए प्रतिनियुक्त किया था, उन्हें सेवा नियमों के अनुसार कार्य दिवसों का 1/3 अवकाश स्वीकार किया है, जिसे निदेशक के निर्देशानुसार उपार्जित अवकाश अंकेक्षण के लिए गठित दल द्वारा उपार्जित अवकाशों को काट विभागीय अवकाश का उपयोग नहीं किया है। इस कटौती पर रोक लगाने, कृषि विज्ञान, चित्र कला के व्याख्याता पद पर डीपीसी करने, सेवा पुस्तिका में दर्ज अवकाश जो आहरण वितरण अधिकारी ने दर्ज किए हैं, उससे संबंधित अभिलेख निजी पंजिका में सुरक्षित रखने का आहरण वितरण अधिकारी का दायित्व है।
अत: अवकाश को आवश्यक अभिलेख के अभाव में नहीं काटा जाना चाहिए। शिक्षक का अभिलेख खुर्द-बुर्द करने के लिए दोषी कार्मिक-अधिकारी के खिलाफ पुलिस विभागीय कार्रवाई करने की मांग भी की गई है। इस दौरान पुरुषोत्तम शर्मा, गोविन्द व्यास, महेन्द्र राठौर, रामसिंह, निरंजन तिवाड़ी, मनोज, करौली ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश सारस्वत आदि मौजूद थे।