अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी में आगामी 27 मार्च से शुरू हो रहे भगवान महावीर के वार्षिक मेले के लिए करौली के पांचना बांध से 21 मार्च को गंभीर नदी में पानी छोड़ा जाएगा।
करौली। अतिशय क्षेत्र श्रीमहावीरजी में आगामी 27 मार्च से शुरू हो रहे भगवान महावीर के वार्षिक मेले के लिए करौली के पांचना बांध से 21 मार्च को गंभीर नदी में पानी छोड़ा जाएगा।
राज्य सरकार की ओर से पांचना बांध से मेले के मद्देनजर कुल 300 एमसीएफटी पानी गंभीर नदी में छोड़ने की अनुमति दी गई है। इसके बाद स्थानीय जल संसाधन विभाग के अधिकारी पानी छोड़ने की तैयारी में जुटे हैं।
जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता सुशील कुमार गुप्ता व सहायक अभियंता वीर सिंह ने बताया कि भगवान श्रीमहावीरजी के वार्षिक मेले के मद्देनजर पांचना बांध से गंभीर नदी में पानी छोड़ने की स्वीकृति राज्य सरकार से प्राप्त हो गई है। इसके तहत 21 मार्च को प्रात: 11 बजे बांध के गेट खोलकर गंभीर नदी में पानी छोड़ा जाएगा। इस दौरान कुल 300 एमसीएफटी पानी की निकासी होगी।
अधिशासी अभियंता ने लोगों से नदी के बहाव क्षेत्र में आवागमन नहीं करने और अपने पशुओं को नदी के आसपास नहीं जाने देने की अपील की है। गौरतलब है कि परम्परा के अनुसार भगवान महावीरजी के वार्षिक मेले के दौरान भगवान जिनेन्द्र की रथयात्रा निकलती है। रथयात्रा गंभीर नदी के तट पर पहुंचती हैं, जहां परम्परा के अनुसार भगवान का अभिषेक किया जाता है। इसी के मद्देनजर पांचना बांध से गंभीर नदी के लिए पानी छोड़ा जाता है।
पांचना बांध से पानी छोडऩे से गंभीर नदी में हिलोरें उठेंगी। गंभीर का पेटा जहां पानी से मुस्कुराएगा, वहीं क्षेत्र के जलस्रोत भी रिचार्ज हो सकेंगे, जिससे आसपास के क्षेत्रों के लोगों को गर्मी में पेयजल समस्या से राहत मिल सकेगी। इसके अलावा गर्मियों में पशु-पक्षियों को भी पानी मिल सकेगा।
गौरतलब है कि गर्मी के मौसम में विभिन्न क्षेत्रों में पानी का संकट उभरता है, लेकिन नदी में पानी पहुंचने से नदी पेटे सहित आसपास के जलस्रोत रिचार्ज होने से लोगों को काफी राहत मिलती है।
परंपरा के अनुसार 2 अप्रेल को रथयात्रा के दौरान भगवान महावीर का जलाभिषेक गंभीर नदी के जल से किया जाता है। इसके लिए करौली स्थित पांचना बांध से पानी छोड़ा जाएगा, जिससे परंपरा का निर्वहन सुचारू रूप से हो सके।