करौली. उत्कृष्ट एवं शिल्पकला के नमूने के लिए प्रसिद्ध यहां के शिकारगंज महल को देख जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग अभिभूत हो उठे।
करौली. उत्कृष्ट एवं शिल्पकला के नमूने के लिए प्रसिद्ध यहां के शिकारगंज महल को देख जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग अभिभूत हो उठे। शनिवार को जिला कलक्टर शिकारगंज महल पहुंचे और वास्तु एवं शिल्पकला से निर्मित इस महल को देख उन्होंने खुशी जताई। वे बोली कि शहरवासियों के लिए यह ऐतिहासिक धरोहर है। महल के परिसर में बने रियासतकालीन कुआ, बावड़ी, उत्कृष्ट शिल्पकला से निर्मित खम्भों, बरामदों, भूल-भुलैया और सुरंग को देखा। इस दौरान कलक्टर ने बीते वर्षों में पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग द्वारा महल में कराए गए जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया।
साथ ही इसे पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक सुधार और विकास को लेकर चर्चा की। हालांकि उन्होंने महल की सार-संभाल नहीं होने को लेकर देखरेख की व्यवस्था की बात कही। साथ ही मानसून के दौरान पौधरोपण की बात भी कही। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तोमर, समाजसेवी व करौली विकास मंच के संयोजक बबलू शुक्ला सहित अन्य मौजूद रहे। गौरतलब है कि तीन वर्ष पहले पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग की ओर से महल के जीर्णोद्धार कार्य कराया गया था। लेकिन वर्तमान में सार-संभाल का अभाव है।