करौली

पालिका से नगर परिषद बने पूरे हुए 10 साल, करौली में पार्किंग का हल नहीं ढूंढ पाए जिम्मेदार

करौली. नगर पालिका से नगरपरिषद बने हुए पूरे 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन करौली के बाजारों का विकास जस का तस है।

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Nov 12, 2022
पालिका से नगर परिषद बने पूरे हुए 10 साल, करौली में पार्किंग का हल नहीं ढूंढ पाए जिम्मेदार

करौली. नगर पालिका से नगरपरिषद बने हुए पूरे 10 साल बीत चुके हैं, लेकिन करौली के बाजारों का विकास जस का तस है। जिला मुख्यालय के संकरे बाजारों के बीच वाहनों की तो रेलमपेल बनी रहती है, लेकिन अब तक पार्किंग का कोई ठौर-ठिकाना नहीं है। ऐसे में शहरवासी अव्यवस्था से त्रस्त हैं। असल में जिम्मेदारों ने कभी समस्या को गंभीरता से ही नहीं लिया।
शहर के गुलाब बाग, कोतवाली के सामने, अस्पताल के सामने, भूडारा बाजार, कृषि मंडी, सब्जी मंडी, हटवारा बाजार, सर्राफा बाजार, कपड़ा मार्केट, बजाजा बाजार, चौधरी पाड़ा समेत ज्यादातर बाजारों में दिनभर जाम के हालात बने रहते हें। जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। नगर के अधिकांश बाजार परकोटे के भीतरी भाग में हैं। यहां पार्किंग की कोई सुविधा नहीं होने के कारण दुकानों पर खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों को मजबूरन अपने दुपहिया वाहन दुकानों के सामने ही संकरी सड़क पर खड़े करने पड़ते हैं। इस बीच अगर, कोई चौपहिया वाहन या ऑटो रिक्शा वहां से होकर निकलता है तो उन्हें दुकान के सामने से वाहन हटाना पड़ता है। इसी के चलते लोग मुख्य बाजार
में खरीदारी के लिए आने से कतराते हैं। जिसका खामियाजा यहां के व्यापारियों को भी भुगतना पड़ रहा है। नगरपरिषद में हर बार बोर्ड बनने के बाद से व्यापारी और व्यापारिक संगठनों ने अवगत भी कराया, लेकिन उपयुक्त जगह नहीं होने का हवाला देकर इतिश्री कर ली जाती है।

परिषद को नहीं सरोकार, प्रशासन भी मौन
विकराल होती पार्किंग की समस्या के कारण पूरा शहर जाम की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन नगरपरिषद इस ओर ध्यान नहीं दे रही। दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। जिससे वाहन पार्किंग की व्यवस्था के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा गए। ऐसे में हालात ऐसे हो गए हैं कि कोई भी उपभोक्ता और शहरवासी शहर के भीतरी भाग शहर के मुख्य बाजार में स्थित दुकानों पर खरीदारी के लिए जाने को लेकर कतराते हैं। यही कारण है कि करौली का बाजार पिछड़ता जा रहा है।

परिषद को होगा राजस्व का फायदा
व्यापारियों का कहना है कि अगर नगरपरिषद की ओर से शहर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है, तो लोगों को जाम की समस्या से तो निजात मिलेगी ही, साथ ही ठेके पर पार्किंग शुरू होने से परिषद को राजस्व आय भी होगी।

योजना तैयार स्वीकृति का इंतजार
नगरपरिषद आयुक्त नरसी मीना का कहना है कि मुख्य बाजार में पार्किंग को लेकर तीन स्थान चिन्हित कर रखे हैं। इसके प्रस्ताव भी सरकार को भेज रखे हैं। परिषद ने हिण्डौन गेट के पास पुराने गल्र्स कॉलेज परिसर, पुराना पोस्ट ऑफिस के पास एव वजीरपुर गेट के पास जगह चिन्हित कर रखी है। जबकि मदनमोहनजी मंदिर के पास पार्किंग चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित
विभागों से स्वीकृति मिलने के बाद बाजारों में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

Published on:
12 Nov 2022 03:41 pm
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