करौली. बागी, बंदूक और बीहड़ों के लिए चर्चित करौली के पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने माना कि जिले में पुलिसिंग चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पुलिस ने बदमाशों पर नकेल कसी है, जिससे अब क्राइम कंट्रोल में है।
करौली. बागी, बंदूक और बीहड़ों के लिए चर्चित करौली के पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस ने माना कि जिले में पुलिसिंग चुनौतीपूर्ण है, लेकिन पुलिस ने बदमाशों पर नकेल कसी है, जिससे अब क्राइम कंट्रोल में है। वर्ष 1998 में जिला बने करौली के 24वें एसपी नारायण टोगस ने शुक्रवार को पत्रिका से साक्षात्कार में कहा कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पहले जो डकैती, लूट और अपहरण की घटनाएं होती थीं, ऐसे अपराधों पर अब अंकुश लगा है। करौलीवासियों को अनुशासित व साफ-सुथरी पुलिसिंग देना प्राथमिता है। इसमें आमजन का सहयोग भी अपेक्षित है। पेश हैं जिला पुलिस अधीक्षक नारायण टोंगस से बातचीत के प्रमुख अंश।
सवाल- सीमावर्ती करौली जिले में आपका कार्यानुभव कैसा रहा।
जवाब- करौली में दो जुलाई को ज्वाइन किया था। पुलिसिंग के हिसाब से चुनौतीपूर्ण जिला है। क्राइम अधिक है। गंभीर अपराध भी होते हैं। संगठित अपराध अधिक नहीं है। डकैती और लूट की घटनाओं पर काफी अंकुश लगा है। अभी अवैध हथियार और स्मैक की तस्करी का चलन युवाओं के अंदर अधिक है। पुलिस ने काफी प्रयास कर कंट्रोल करने के लिए काम किया है।
सवाल- पहले आप धौलपुर में रहें है, दोनो ही सीमावर्ती जिलें है। अपराध और प्रवृति और आंकडो में क्या अंतर पाया है।
जवाब- करौली और धौलपुर की भौगौलिक परिस्थिति लगभग एक जैसी हैं। जनसंख्या की दृष्टि से धौलपुर करौली से छोटा जिला है। अपराध की प्रवृति लगभग एक जैसी है। अपराधों में अवैध हथियारों का उपयोग ज्यादा है। इसका बड़ा कारण एमपी और यूपी से लगती जिले की सीमा हंै। वहां से अवैध हथियार लाकर यहां अपराध को अंजाम दिया जाता है।
सवाल- अपराध रोकने के लिए कोई विशेष प्लान या पुलिसिंग में बदलाव किया है।
जवाब- इंटेलीजेंस इनपुट को ज्यादा डवलप किया है। साइबर टीमें लगतार गुप्त रूप से नजर रखती है। अपराध प्रवृति को समझ कर गुप्त सूचनाएं संकलित करते हैं, जिससे अपराध घटित हो ही नहीं, अगर घटना हो भी जाए तो तत्काल अपराधी पकड़े जा सकें।
सवाल- बैंक लूट और चंदन चोरी के मामलों में खुलासा नहीं होना, सवाल खड़े करता है।
जवाब- यह बात सही है कि दो बैंक लूट की वारदात और चंदन चोरी का खुलासा नहीं कर पाए हैं, साइबर टीम व स्पेशल टीम लगातार लगी है, प्रयास जारी है, विश्वास है कि जल्द खुलासा करेंगे।
सवाल- पिछले साल की अपेक्षा मुकदम बढ़े है। किस प्रकार के मामले अधिक हैं।
जवाब- गंभीर अपराधों में पिछले वर्षों की अपेक्षा कमी आई है। जमीन संबंधी मारपीट व अन्य सामान्य प्रकृति के मामले बढ़े हैं। खासतौर पर अपहरण के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है।
सवाल- साइबर ठगी से बचने के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे।
जवाब- साइबर अपराध रोकने के लिए जिले में अलग से थाना शुरू कर दिया है। साइबर अपराध से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। किसी को भी ओटीपी, एटीएम पासवर्ड व बैंक अकाउंट संबंधी जानकारी नहीं दें।
सवाल- पुलिस में आने की शुरुआत कैसे हुई।
जवाब- मैं किसान परिवार से आता हूं, शुरुआती शिक्षा सैनिक स्कूल चित्तौडगढ़ से हुई है। 1997 में डीएसपी के रूप में पुलिस ज्वाइन की। 2018 में आईपीएस में चयनित हुआ। एसपी के रूप में पहला पदस्थापन्न चुरू जिले में रहा। इसके बाद धौलुपर और पिछले छह माह से करौली में कार्यरत हूं।
सवाल- जिले की जनता के लिए क्या संदेश देना चाहेंगे।
जवाब- जिले की जनता से कहना चाहूंगा कि आपसी सौहाद्र्ध और भाईचारा बनाए रखें। आपकी सुरक्षा के लिए करौली पुलिस हमेशा सजग और तत्पर है। जनता का सहयोग भी अपेक्षित है।