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Karauli: करौली में मनरेगा कार्यों की जांच में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां उजागर, विभाग में मचा हड़कंप

MNREGA Work In Karauli: करौली में मनरेगा कार्यों की जांच के दौरान बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। मौके पर कई काम नहीं मिलने और कागजों में भुगतान दर्शाने से विभाग में हड़कंप मच गया है।

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MNREGA work in Karauli

मनरेगा कार्यों का निरीक्षण करते अधिकारी। फोटो- पत्रिका

करौली। जिला परिषद के अधिशासी अभियंता (मनरेगा) चेतराम मीना ने ग्राम पंचायत गोठरा और खोहरी में मनरेगा कार्यों का औचक निरीक्षण किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। कई कार्य मौके पर नहीं मिले, जबकि कागजों और पोर्टल पर उन्हें पूर्ण दिखाकर भुगतान दर्शाया गया है। निरीक्षण के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की विस्तृत जांच की तैयारी शुरू हो गई है। निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत गोठरा में कोली मोहल्ला से तीन छतरी हनुमानजी तक सीसी सड़क निर्माण कार्य की जांच की गई।

100 फीट ग्रेवल कार्य ही मिला

उन्होंने बताया कि मौके पर केवल करीब 100 फीट ग्रेवल कार्य ही मिला, जबकि ऑनलाइन एमबी और नरेगा पोर्टल पर पूरा कार्य दर्ज कर बिल फीड कर दिया गया था। इस कार्य में श्रम मद में 1.30 लाख रुपए और सामग्री मद में 9.88 लाख रुपए का भुगतान दर्शाया गया है। जांच में यह भी सामने आया कि कार्य से जुड़े कारीगरों की मस्टररोल उपलब्ध नहीं थी, जबकि बिना कारीगर के पक्का कार्य संभव नहीं है।

मौके पर नहीं मिला नया कार्य

इसी तरह डामर रोड से दीवानपुरा तक ग्रेवल सड़क निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया तो मौके पर पुरानी बनी लगभग 100 मीटर ग्रेवल सड़क मिली, जबकि नया कार्य नहीं पाया गया। इसके बावजूद श्रम मद में 2.36 लाख रुपए और सामग्री मद में 3.28 लाख रुपए के बिल फीड किए गए थे।

कारीगरों की मस्टररोल नहीं मिली

रामनाथ के खेत से गोठरा के मेड़े तक सीसी और इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में भी मौके पर कोई कार्य नहीं मिला, लेकिन एमबी में श्रम मद 1.16 लाख और सामग्री मद में 9.22 लाख रुपए का भुगतान दर्शाया गया। यहां भी कारीगरों की मस्टररोल नहीं पाई गई। पठान बाबा से रामजीलाल के घर की ओर सीसी और इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कार्य में सीसी की मोटाई औसतन 2.5 से 3 इंच मिली, जबकि स्वीकृत एस्टीमेट में 6 इंच मोटाई निर्धारित थी। कार्य की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।

वहीं ग्राम पंचायत खोहरी में मनरेगा मस्टररोल की जांच में श्रमिकों की उपस्थिति केवल कागजों में दर्ज मिली। निरीक्षण के दौरान किसी भी कार्य स्थल पर न मजदूर मिले, न मेट और न ही कोई कार्य होता पाया गया। पुराने तालाब मरम्मत कार्य में भी मौके पर कार्य नहीं मिला, जबकि 11.51 लाख रुपए की सामग्री राशि की एमबी भरी गई थी। इसके अलावा पंचायत में दर्ज 11 ग्रेवल सड़क कार्य मौके पर नहीं मिले, जबकि करीब 50 लाख रुपए की सामग्री राशि की एमबी फीड की गई थी। वहीं 13 टाइल्स सड़क कार्य पुराने बने पाए गए, जिन्हें नया दिखाकर लगभग 1.50 करोड़ रुपए की सामग्री राशि की एमबी भर दी गई।

इनका कहना है
ग्राम पंचायत गोठरा और खोहरी में मनरेगा कार्यों के निरीक्षण में मिली अनियमितताओं की रिपोर्ट तैयार कर आगे कार्रवाई की जाएगी।

  • चेतराम मीना, अधिशासी अभियंता मनरेगा, करौली