करौली

तो इसलिए बीड़ी फैक्ट्री में मालिक ने लगाया ताला- अब 400 मजदूर हुए बेरोजगार तो प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

बीड़ी फैक्ट्री से जुड़े लगभग 400मजदूरों बेरोजगार हो गए हैं और उन्हें अब कोई काम नहीं मिल रहा है।
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Updated: 24 Nov 2017, 10:00 PM IST
Production stalled in factory

करौली। जिले में उद्योगपति के साथ मारपीट का काफी गरमा गया है। जहां मारपीट के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को पांचवें दिन भी बीड़ी फैक्ट्री पर ताला लटका रहा। जिस कारण यहां काम करने वाले 400 मजदूर बेरोगार हो गए हैं। जबकि उधर प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच सहायक श्रम आयुक्त को सौंप दिया है और पुलिस विभाग से भी तथ्यातमक रिपोर्ट मांगी है। वहीं मजदूरों ने अलग-अलग समूहों में जाकर प्रशासन से फैक्ट्री को चालू कराने की मांग की है।

फैक्ट्री बंद होने से मजदूर हो गए हैं बेरोजगार-

दरअसल, उद्योगपति हाजी रुखसार अहमद बीते 19 नवम्बर को बीड़ी फैक्ट्री कार्यालय जा रहे थे, इसी दौरान आरोपितों ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। तो वहीं प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया है, जिससे नाराज उद्योगपति ने बीड़ी फैक्ट्री में काम बंद कर दिया। इस कारण बीड़ी फैक्ट्री से जुड़े लगभग 400मजदूरों बेरोजगार हो गए हैं और उन्हें अब कोई काम नहीं मिल रहा है। साथ ही उन्हें आर्थिक समस्याओं से भी जूझना पड़ रहा है। शुक्रवार को उद्योगपति हाजी रुखसार ने मजदूरों के साथ जिला पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन देकर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।साथ ही कहा कि किसी भी तरह के भय के माहौल में फैक्ट्री में उत्पादन करना संभव नहीं है।

घटना से मजदूरों का लेना-देना नहीं-

इधर मजदूरों के एक गुट ने पूर्व पार्षद और बीड़ी मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष रिजवान खान के नेतृत्व में श्रम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि उद्योगपति ने अपने स्तर पर फैक्ट्री को बंद कर श्रम विभाग के नियमों की अवेहलना की है। इस कारण मजदूरों को रोजगार ? नहीं मिल रहा है। उन्होंने अवैध रूप से काराबोर संचालित करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने बताया कि मारपीट और अन्य विवाद से मजदूरों का किसी भी प्रकार का लेना-देना नहीं है। इसलिए फैक्ट्री को चालू कराया जाए।

मामले की मांगी गई है रिपोर्ट-

मामले पर जिला के अतिरिक्त कलक्टर राजनारायण शर्मा का कहना है कि फैक्ट्री से उत्पादन नहीं होने के मामले की सहायक श्रम आयुक्त से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से भी उद्योगपति के साथ मारपीट की घटना की जानकारी मांगी है। श्रमिक अधिकारियों की रक्षा पूरी तरह से की जाएगी। जबकि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार यादव ने बताया कि उद्योगपति ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसे लेकर अनुसंधान जारी है। उन्हें धमकी मिल रही है या अन्य कोई बात है तो वो परिवाद दर्ज करा सकते हैं।

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