करौली

दान से शुद्ध होता है धन

गुढ़ाचन्द्रजी. गोरड़ा पंचायत के नांदकला गांव में तीन दिन से चल रही भागवत कथा से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। जिससे नांदकला गांव की झलक वृंदावन जैसी लग रही है। महोत्सव में नांदकला सहित नांदखुर्द, गोरड़ा, तिमावा, घाटौली, ढहरिया, गोटयाकापुरा, बेरोज, पदमपुरा आदि गांवों से रोजाना सैकड़ों लोग पहुंच धर्मलाभ उठा रहे हैं।
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Oct 29, 2018
karauli
दान से शुद्ध होता है धन

गुढ़ाचन्द्रजी. गोरड़ा पंचायत के नांदकला गांव में तीन दिन से चल रही भागवत कथा से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। जिससे नांदकला गांव की झलक वृंदावन जैसी लग रही है।
महोत्सव में नांदकला सहित नांदखुर्द, गोरड़ा, तिमावा, घाटौली, ढहरिया, गोटयाकापुरा, बेरोज, पदमपुरा आदि गांवों से रोजाना सैकड़ों लोग पहुंच धर्मलाभ उठा रहे हैं। रविवार को मुख्य यजमान अध्यापक लखनलाल मीना व उनकी धर्मपत्नी राजंती देवी ने पूजन कर कथा का शुभारम्भ किया। आयोजन समिति के पूर्व सरपंच गिर्राज मीना ने बताया कि एक दर्जन पंडित रोजाना पाठ कर रहे हैं। कथा में वृंदावन की आचार्य साध्वी प्रिया किशोरी ने बराह अवतार का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि जीवन में स्नान करने से तन, शुद्घ भोजन करने से मन, दान देने से धन शुद्घ होता है। मानव को प्रभु ने दो हाथ दान देने के लिए ही दिए है। इस मौके पर कथा में सजी सीतारामजी सजीव झांकी आकर्षण का केन्द्र रही। झांकी का पूजन अध्यापक लखनलाल नांद ने आरती उतार किया। इसके बाद झांकी के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। आयोजन समिति के हेमंत कुमार व योगेश कुमार ने बताया कि भागवत कथा का समापन १ नवम्बर को भंडारे के साथ होगा। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि नाहरसिंह मीना, हुकम प्रजापत, बनवारी गोयल, अध्यापक रामरूप ढहरिया, बहादुर, धारासिंह, भरोसी, शिवराम, बृजमोहन सहित नांदकला, नांदखुर्द व गोरड़ा के दो दर्जन पंच-पटेल मौजूद रहे।

Updated on:
29 Oct 2018 11:53 am
Published on:
29 Oct 2018 11:53 am