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हिण्डौनसिटी.
पोखर व तालाबों में बच्चों के डूबने की घटनाओं पर उपखंड प्रशासन गंभीर हो गया है। गुरुवार को एसडीओ डॉ. दुलीचंद मीणा ने पंचायत समिति व जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को पोखर व तलाइयों के आसपास जलभराव क्षमता के अलावा चेतावनी बोर्ड लगाने के आदेश जारी किए हैं।
एसडीओ ने बताया कि बरसात का पानी भरने से पोखर और तालाबों में खतरा बढ गया है। पानी में डूबने से पिछले माह एक महिला व आठ बच्चों समेत नौ जनों की मौत हो चुकी है। लेकिन अब चेतावनी व जलभराव क्षमता लिखे बोर्ड लगाए जाएंगे। जिससे हादसों पर अंकुश लग सकेगा। जलसंसाधन विभाग व पंचायत समिति अपने-अपने अधिकारी क्षेत्र वाले बांध, पोखर और तालाबों के आसपास इस प्रकार के बोर्ड स्थापित कराएंगे। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को राजस्थान पत्रिका ने 'खतरे से बेपरवाह जिम्मेदारÓ शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। जिसके बाद एसडीओ ने आदेश जारी कर पोखर व तलाईयों पर बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए हैं।
एईएन के खिलाफ लामबंद हुए निगमकर्मी
हिण्डौनसिटी. फीडऱ प्रभारियों को चार्जशीट थमाने से नाराज विद्युत निगम कर्मचारी सहायक अभियंता (ग्रामीण) के विरुद्ध लामबंद होने लगे हैं। गुरुवार को कर्मचारियों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में विधायक राजकुमारी जाटव को ज्ञापन सौंपकर सहायक अभियंता डीके शर्मा को हटाने की मांग की।
निगमकर्मी समयसिंह, राजाराम ने बताया कि सहायक अभियंता (ए-द्वितीय) द्वारा फीडर प्रभारियों पर जबरन उपभोक्ताओं के मीटरों में विद्युत लोड बढ़ाकर बिल में अतिरिक्त यूनिट जोडऩे का दबाव बनाया जा रहा है। नियम विरुद्ध कार्य नहीं करने पर एईएन ने कुछ दिन पूर्व १५ फीडर प्रभारियों को जार्चशीट थमा दी। कार्मिकों ने चार्जशीट निरस्त करने के एवज रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए है। कर्मचारियों ने विधायक को दिए ज्ञापन में बताया कि सहायक अभियंता कार्यालय में दलालों की सिफारिश के बिना जरूरतमंद लोगों को भी ट्रांसफार्मर व केबल समेत अन्य विद्युत सामग्री स्वीकृत नहीं की जाती। जिससे आज भी दर्जनों गांवों के लोग बिजली-पानी संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सहायक अभियंता द्वारा फीडर प्रभारियों से ही कनिष्ठ लिपिक के अलावा एफआरटी का अतिरिक्त कार्य भी जबरन कराया जा रहा है। जिससे कार्मिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने बताया कि पूर्व में अधिशासी अभियंता से भी एईएन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान हरकेश, राजेश, राजपाल समेत दर्जनों कार्मिक मौजूद थे। इधर सहायक अभियंता डीके शर्मा का कहना है कि विद्युत छीजत रोकने में नाकाम रहे फीडर प्रभारियों का चार्जशीट थमाने से कर्मचारियों में बौखलाहट है। इस लिए अनर्गल आरोप लगाए जा रहे हैं।
(पत्रिका संवाददाता)