
हिण्डौनसिटी. राजनीतिक क्षेत्र में खासा दमखम रखने वाले हिण्डौन में चालीस साल बाद फिर प्रधानमंत्री का आगमन होगा। तीन मई को कृषि उपज मंडी के पास 52 बीघा में होने वाली नरेंद्र मोदी की जनसभा से शहर में प्रधानमंत्रियों के आगमन की हैट्रिक भी बनेगी। इससे पहले प्रधानमंत्री रहते हुए चौधरी चरण सिंह और देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी हिण्डौन में चुनावी जनसभा को संबोधित कर चुकी हैं।
राजनीति गतिविधियों में सक्रिय रहे बुजुर्गों के अनुसार वर्ष 1979 में हुए लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकदल के प्रत्याशी के लिए जनसभा करने आए थे। वहीं लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री बनी इंदिरा गांधी राज्य में हुए विधानसभा चुनाव में हिण्डौन में कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा संबोधित करने आई थी। उसे दौरान करौली रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में प्रधानमंत्री की दोनों सभाएं हुई थी।
चौधरी चरण सिंह के करीबी रहे मण्डावरा गांव निवासी ब्रजमोहन बेनीवाल ने बताया कि देश में मध्यावधि चुनाव घोषित होने के बाद सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी रहे डा. हेमराज मीणा के लिए 22 दिसम्बर 1979 को राजकीय महाविद्यालय में चुनावी सभा की थी।
वहीं कांग्रेस नेता परशुराम राजौरा ने बताया कि वर्ष 1980 में हुए विधानसभा चुनाव में वे हिण्डौन विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे। उनके प्रचार में राजकीय महाविद्यालय में हुई चुनावी सभा में चंद माह पहले सत्तारूढ़ हो प्रधानमंत्री बनीं इंदिरा गांधी ने शहर के लोगों को संबोधित किया।
जिसके लिए आए जिता नहीं पाए-
हिण्डौन में यह अनूठा संयोग रहा है कि प्रधानमंत्री जिस प्र्रत्याशी समर्थन में आए उसे पराजय का मुंह देखना पड़ा। बेनीवाल ने बताया कि चौधरी चरणसिंह की सभा के बाद उनकी पार्टी के प्रत्याशी डा.हेमराज परजित हुए और कांग्रेस के रामकुमार मीणा सांसद निर्वाचित हुए। वहीं 1980 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की चुनावी सभा के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी परशुराम राजौरा को हार का मुंह देखना पड़ा था तब जनतापार्टी समर्थित लोकदल के भरोसीलाल लाल जाटव विजयी हुए थे।