करौली

2 जुलाई को शुरू हुई थी राजकीय विद्यालयों में अन्नपूर्णा दुग्ध योजना, बच्चों को पसंद आ रहा दूध

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Jul 25, 2018
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हिण्डौनसिटी.
जिले के राजकीय विद्यालय में दुग्ध योजना शुरू होने से महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों द्वारा दूध की आपूर्ति की जाती है। बारिश के सीजन में समितियों से करीब १० हजार लीटर दूध की आपूर्ति हो रही है। जिले के बाजार में निजी डेयरियों के हावी होने से सरस डेयरी का महज ६ हजार लीटर दूध आम तौर पर विपणन हो पाता।

ऐसे में डेयरी प्रबंधन द्वारा शेष दूध को दो-तीन दिन इकट्ठा कर ट्रक-टैंकर से जयपुर व अलवर डेयरी में भेजा जाता रहा है। डेयरी सूत्रों के अनुसार दो जुलाई से शुरू हुई राजकीय विद्यालयों में अन्नपूर्णा दूध योजना में सरस डेयरी के दूध की आपूर्ति के लिए अधिकृत किया गया। इससे डेयरी में ५-६ हजार लीटर दूध की दैनिक खपत बढ़ी है। इससे डेयरी को प्रतिदिन करीब दो लाख रुपए रुपए की आय के नया स्रोत मिल गया है।

वितरकों के जरिए होती आपूर्ति
सरस डेयरी द्वारा जिले मेंं स्कूलों को सीधे तौर पर आपूर्ति नहीं दी जा रही है। आपूर्ति के लिए डेयरी के वितरकों द्वारा ही संबंधित क्षेत्र के स्कूलों में मांग के अनुसार दूध भेजा जाता है। साथ ही वितरकों द्वारा ही विद्यालयों से बाजार भाव पर दूध की राशि लेकर डेयरी में भुगतान किया जाता है। डेयरी से जटनगला के जवाहर नवोदय विद्यालय में १२० लीटर दूध की सीधी अपूर्ति की जाती है।

टोण्ड दूध का बढ़ा उत्पादन
डेयरी के स्थानीय प्रभारी ओपी वर्मा ने बताया कि पहले डेयरी में गोल्ड श्रेणी का दूध अधिक पैक होता था। दूध योजना से टोण्ड श्रेणी के दूध की मांग बढ़ गई है। फिलहाल करीब ६ हजार लीटर टोण्ड दूध को पॉलीपैक किया जा रहा है।

बढ़ेगी आय, मिलेगी मजबूती
काफी विद्यालय ग्रामीणों से खुला दूध लेे रहे हैं। अभी डेयरी से दूध की आपूर्ति और बढऩे की उम्मीद है। दूध बढ़ेगा तो आय भी बढ़ेगी। डेयरी को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
— ओपी वर्मा स्थानीय प्रबंधक, सरस डेयरी हिण्डौनसिटी

Published on:
25 Jul 2018 10:19 pm