
करौली.
बालघाट के मोरडा में अंजनी हनुमान मंदिर पर चल रही रामकथा के तीसरे दिन रामकथा वाचक संत राममनोहर दास ने महादेव द्वारा पार्वती को सुनाई गई रामकथा का वर्णन किया।
प्रसिद्ध संत काला बाबा उर्फ गोपालदास महाराज सिद्ध आश्रम गंभीर नदी तट नांगलपहाडी वाले सानिध्य में चल रही रामकथा में आसपास के गांवों से श्रोता पहुंच रहे हैं। कथा के समापन पर 26 को प्रसादीआयोजन किया जाएगा। यह जानकारी पूरणसिंह ने दी।
ईश्वर हर जीव में
करीरी. खेड़ी गांव में आयोजित पांच दिवसीय राजयोग शिविर में प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउण्ट आबू की स्टार प्रचारक हेतन दीदी ने आत्मा के परमात्मा से मिलन के बारे में कहा कि ईश्वर किसी प्रतिमा में नहीं बल्कि हर जीव में है। जीवों में सर्वश्रेष्ठ जीव मनुष्य में है। उन्होंने भगवान शिव के स्वरूप व स्थान के बारे में कहा शिव एक सूक्ष्म बिन्दु है, जिसे कोई देख नहीं सकता। आत्मा भी एक सूक्ष्म बिन्दू स्वरूप है, जिसे देख पाना कठिन है। पांच दिवसीय इस शिविर में क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने तत्व ज्ञान लिया।
तपती दोपहरी पर श्रद्धा पड़ रही भारी
गुढ़ाचन्द्रजी. एक ओर जयकारों से गूंजता गिर्राज धरण भगवान का मंदिर तो दूसरी ओर भागवतकथा में भजनों पर नाचती महिलाएं। इन सबके बीच रासलीला पांडाल में तल्लीनता से मंचन देखते श्रद्धालु। यह नजारा है पदमपुरा कस्बे में संत गोविन्दाचार्य के सानिध्य में गिर्राज धरण मंदिर पर चल रहे नौ कुण्डीय महायज्ञ के तहत विभिन्न धार्मिक आयोजनों का। यहां चार दिन से चल रहे विभिन्न धार्मिक आयोजनों से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लगातार आवक हो रही है।
श्रद्धालुओं की आवक के आगे तपती दोपहरी पर श्रद्धा भारी नजर आ रही है। तड़के मंगला आरती से रात १२ बजे तक धर्म के जयकारे गूंजते रहते हैं। कस्बे सहित आसपास गांवों के अलावा यहां टोड़ाभीम, नादौती, लालसोट, सिकराय, गंगापुरसिटी से पहुंच रहे लोग धाार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। श्रद्धालुओं का यहां प्रात: ६ बजे से आना शुरू हो जाता है। आयोजन समिति के अध्यापक अशोक शर्मा खोहरा के अनुसार बुधवार को करीब १० हजार लोगों ने धर्मलाभ उठाया। कार्यक्रम में संत हरिदासजी, उपसरपंच धन्सीराम, प्रकाश चंद मीना मौजूद रहे।
जयकारों से गूंजा पांडाल : वृंदावन की श्री गिर्राज मित्र आदर्श रासमंडल के स्वामी गोविन्द प्रसाद शर्मा के निर्देशन में मंडली के तीन दर्जन से भी कलाकारों ने रामजन्म व कृष्ण की माखनचोरी की लीला का मंचन किया तो पांडाल में बांकेबिहारी के जयकारे गूंज उठे। माखनचोरी लीला में कृष्ण भगवान द्वारा गोपियों का माखन चुराने आदि लीलाओं को देख श्रद्धालु अभिभूत हुए।
शिवकथा से प्रसन्न होते हैं भगवान
करौली . 108 कुंडरीय महारुद्र यज्ञ एवं शिव पुराण कथा में बुधवार को कथा आचार्य शिव कथा विवेचक इंदौर के पंडित बालकृष्ण शर्मा ने कहा कि 'एको देवो केशवो वा शिवो वाÓ अर्थात भगवान परमपिता परमेश्वर एक है। उसे चाहे कृष्ण रूप में देखो राम के रूप में देखो या शिवजी के रूप में।
उन्होंने बताया कि शिव कथा से भगवान कृष्ण प्रसन्न होते हैं, जहां शिव कथा होती है वहां भगवान श्री कृष्ण आवश्यक रूप से कथा सुनने आते हैं। शिव का अर्थ कल्याण और रुद्र का अर्थ कष्ट हरने वाला होता है। इसलिए शिव भक्ति को सर्वश्रेष्ठ भक्ति माना है। चैनपुर भक्त मंडल की ओर से पंच पटेलों द्वारा आयोजन को सफल बनाने में खासी मेहनत की जा रही है।