करौली

यहां विश्व शांति के लिए चल रहे नौकुण्डीय विष्णु महायज्ञ में तपती दोपहरी में भी नहीं थमी श्रद्धालुओं भीड़, यूं बिखरी वृंदावन की छटा

बृजशैली के रसिया सुन हुए मुग्ध, सलीला में सखियों के साथ सजी राधा-कृष्ण की सजीव झांकी...
2 min read
Jun 23, 2018
rajasthan news in hindi
rajasthan news in hindi

करौली/गुढ़ाचन्द्रजी.
पदमपुरा गांव के गिर्राजधरण मंदिर पर विश्व शांति के लिए चल रहे नौकुण्डीय विष्णु महायज्ञ में तपती दोपहरी में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है।

धार्मिक कार्यक्रमों से पदमपुरा में वृंदावन की छटा बिखर रही है। रासलीला का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सोप निवासी एक्सईएन खिलाड़ीराम मीना ने गिर्राजधरण भगवान की आरती उतार व प्रसादी बांटकर की। इस मौके पर उन्होंने कहा कि धार्मिक कार्यों से ही मानव जीवन का उद्धार संभव है। इसलिए मनुष्य को धार्मिक कार्यक्रमों में भी सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने क्षेत्र में पानी, बिजली, सड़क,शिक्षा आदि समस्याओं पर चिंता जताई। इससे पहले अध्यापक लखन मीना नांद, डीलर रामखिलाड़ी मीना, अशोक शर्मा आदि ने मुख्य अतिथि सहित हरेती मास्टर रावताड़ा, पृथ्वीपटेल रौंसी, धर्मसिंह ठेकेदार रावताड़ा, एडवोकेट विरम गुर्जर राजाहेड़ा का माला-साफा बांध स्वागत किया।

रासलीला में वृंदावन की श्री गिर्राज रासमंडल के कलाकारों ने स्वामी गोविन्द प्रसाद शर्मा के सानिध्य में श्याम सगाई का सुन्दर चित्रण प्रस्तुत किया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने राधा रानी की गोद भराई की। इस मौके पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम में भगवान जगदीश के जयकारे गूंजते रहे। कई श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य कर रहे थे। कार्यक्रम में द्वारिका में भगवान कृष्ण की रूकमणी संग झांकी भी सजाई गई। इसके बाद कलाकारों ने बृजशैली के रसिया सुनाए। शुक्रवार रात रासलीला में नरसी भात कथा का मंचन किया गया। इस दौरान सजी आकर्षण का केन्द्र रही।

झांकी दूसरी ओर यज्ञशाला में जीतेश कुमार दत्तात्रेय के मंत्रों पर श्रद्धालुओं ने हवनवेदियों में आहुति दिलाई। भागवतकथा में भी आचार्य शिवनारायण शास्त्री ने कहा कि भक्ति से ही मानव का कल्याण संभव है। संत गोविन्दाचार्य महाराज ने बताया कि २५ जून को विशाल भंडारे के साथ महायज्ञ का समापन होगा। प्रभु भक्ति में भक्त अपने को भी भूल जाता है। मनुष्य को आत्म शांति के लिए एवं मन के विकारों को धोने के लिए भगवान का भजन-चिंतन जरुर करना चाहिए। भजन के प्रभाव से मानव जीव में व्याप्त राग, द्वेस, अहंकार, क्रोध आदि नष्ट होकर भगवान की पावन भक्ति की प्राप्ति होती है। कथा के समापन पर सोमवार को भण्डारा होगा।

Updated on:
24 Jun 2018 07:39 pm
Published on:
23 Jun 2018 10:50 pm