करौली

सड़क पर जगह-जगह गड्ढ़े बनने से वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को अवागमन में झेलनी पड़ रहीं परेशानी, 10 साल पहले बनी थी अब भी वही

सूरौठ से बाईजजट्ट की पांच किलोमीटर लम्बी सड़क का दस वर्ष पहले निर्माण कराया गया था, समय रहते देख रेख और पेंचवर्क नहीं कराने से डाबर उखड़ गई...
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Jun 22, 2018
सड़क
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करौली/सूरौठ.
बाईजट्ट के सूरौठ उपतहसील से जोडऩे वाली सड़क रखरखाब के अभाव में टूटी हुई है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढ़े बनने से वाहन चालकों व पैदल राहगीरों को अवागमन में परेशानी झेलनी पड़ रही है।

इस रास्ते से बयाना तहसील के कई दर्जन गांव भी जुड़े हुए हैं। ग्रामीण रामेश्वर, सुगी नेता व पूर्व सरपंच मुरारी लाल ने बताया कि सूरौठ से बाईजजट्ट की पांच किलोमीटर लम्बी सड़क का दस वर्ष पहले निर्माण कराया गया। समय रहते देख रेख और पेंचवर्क नहीं कराने से सड़क की डाबर उखड़ गई है। रास्ते में कदम-कदम पर गड्ढ़े होने से मानों सड़क ही गड्ढ़ों में गुम हो गई है। गड्ढ़ों से बचने के चक्कर में आए दिन दुपहिया वाहन चालक गिर कर चोटग्रस्त होते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को अवगत कराने के बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। सरपंच गोविन्द जाट ने कलक्टर व सार्वजनिक निर्माण विभाग के उच्च अधिकारी पत्र भेज कर सड़क निर्माण की मांग की है। इधर सानिवि के सहायक अभियंता रामरज मीणा ने बताया कि सूरौठ-बाइजट्ट मार्ग पर डामर सड़क निर्माण का प्रस्ताव भेजा जाएगा।


हिचकौले भरी यात्रा की मजबूरी, पचास गांवों का रास्ता वर्षों से बदहाल
गड्ढ़ों में गुम हुई सड़क
रेवई (हिण्डौनसिटी). हिण्डौन को तहसील क्षेत्र सहित भरतपुर जिले के दर्जनों गांवों की जोडऩे वाली सड़क वर्षों में बदहाल है। समय रहते मरम्मत नहीं होने से कदम गड्ढ़ों में तब्दील होने से ग्रामीणों को हिचकौले भरी यात्रा करनी पड़ रही है।स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्र की उधड़ी सड़क सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सुध नहीं ली गई है।

गेंदूपुरा गांव निवासी दिनेश सिंह गुर्जर, सुरेश सिंह गुर्जर आदि ने बताया कि बाजना फाटक होती हुई सड़क लहचौड़ा, विजयपुरा सहित तहसील क्षेत्र के २० से अधिक गांवों के जोड़ती है। वहीं भरतपुर जिले की बयाना तहसील के सीमावर्ती गांव में लहचौड़ा, भोगीपुरा, बृजलाल का नंगला सहित अनेक गांवों के लिए भी यह सड़क हिण्डौन आवागमन का रास्ता है। यह सड़क गेंदूपुरा गांव तक उधड़ का जर्जर हाल हो गई है। करीब चार-पांच किलोमीटर तक सड़क पर कदम-कदम पर गड्ढ़े बने होने से चौपहिया वाहन धीमी गति से हिचकौले खाते चलते हैं। बदहाल सड़क पर सामने से आने वाले वाहन से बचने की कोशिश में दुर्घटना की आशंका भी रहती है। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री को पत्र भेज का सड़क का पुनॢनर्माण कराने की मांग की है।

60 लाख की लागत से था यह बना
करौली/बाईजट्ट (सूरौठ). हाल ही बाईजट्ट में बने गौरव पथ के दोनों ओर नाली निर्माण नहीं होने से ग्रामीण रास्ते और घरों में बारिश में जल भराव होने से आशंकित है।

ग्रामीणों ने कहना है कि नालियों के अभाव में गौरवपथ से जल निकासी नहीं हो पाएगी। पूर्व सरपंच मुरारी लाल व गोविन्द रावत ने बताया कि राज्य सरकार की ग्रामीण गौरव पथ योजना के तहत गांव में ६० लाख रुपए की लागत से गौरव पथ का निर्मााण किया गया। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गत माह सीसी सड़क निर्माण कर दिया।

वहीं नाली का निर्माण नहीं कराया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा गौरव पथ की माप के मुताबिक चौड़ी सड़क नहीं बनाई। संकरी सड़क पर वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीणों ने बताया कि नियमानुसार गौरव पथ की सड़क के दोनोंं ओर जल निकासी के लिए नालियों बननी थी, अधिकारियों की अनदेखी के चलते निर्माण नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने बाताया कि नाली नहीं होने से बारिश का पानी सड़क पर भी भर जाएगा। वहीं अधिक बारिश में पानी के बहकर निकलने की बजाय घरों में भरने की आशंका रहेगी।

ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को पत्र भेज कर गौरव पथ के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराने की मांग की है। वहीं गांव के अन्य रास्तों से अतिक्रमण हटवा की राह सुगम करने की मांग की है। इधर सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रामराज मीणा ने कहा कि गांव में जल निकासी के प्रबंध के लिए गौरव पथ के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराया जाएगा। इस बारे में ठेकेदार से बात करेंगे।

Published on:
22 Jun 2018 10:38 pm