करौली

हड़ताल अब खत्म हुई? दिनभर डिपो से नहीं निकलीं बस, थम गया था पहिया; कंडक्टरों की जेब में नहीं आया रुपया

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Jul 28, 2018
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हड़ताल अब खत्म हुई? दिनभर डिपो से नहीं निकलीं बस, थम गया था पहिया; कंडक्टरों की जेब में नहीं आया रुपया

हिण्डौनसिटी.
राज्य सरकार की ओर मांगों के प्रति सकारात्मक रुख नहीं मिलने से दो दिन से चल रही ***** जाम हड़ताल को रोडवेजकॢर्मयों ने उसे बेमियादी कर दिया।

ऐसे में आगार से एक भी बस सड़क पर नहीं उतरी। बसों के आगार परिसर में बंद रहे से रोडवजे की आय का आंकड़ा सिफर रहा। वहीं यात्रियों को भी परेशानी हुई और निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ी।

तेरह सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश भर में राजस्थान रोडवेज श्रमिक संगठनोंं के संयुक्त मोर्चा के तहत एटक, इंटक, सीटू, आरएसआरटीसी सेवानिवृत कर्मचारी एसोसिएशन, कल्याण समिति व बीजेएमएस से सम्बद्धकर्मचारियों ने तीसरे दिन भी चक्काजाम हड़़ताल रखी। रोडवेज कर्मियों के पांच दिन से हिण्डौन आगार के मुख्यद्वार पर चल रहे धरना प्रदर्शन के चलते एक भी बस बाहर नहीं निकली। वहीं हड़ताल से बाहर चल रहे संगठन बीएमस से सम्बद्ध चालक-परिचालक व अन्य कर्मचारी आगार कार्यालय में बैठे रहे। आगार सूत्रों के अनुसार आगार से प्रतिदिन ९० से अधिक शिड्यूलों पर बसों का संचालन होता है। प्रतिदिन १० हजार से अधिक यात्रियों के बसों में सफर करने से रोडवेज को ५ लाख रुपए की आय होती है।

बुकिंग बंद, बस स्टैण्ड सूना
***** जाम हड़ताल के बेमियादी होने से तीसरे दिन बस स्टैण्ड पर एक भी रोडवेज बस नहीं पहुंची। ऐसे में आधा दर्जन से अधिक टिकट खिड़कियों के केबिनों पर ताले लटके रहे। लोग बसें शुरु होने की आस में बस स्टैण्ड पर आ पहुंंचे, लेकिन निराश हो निजी वाहनों में यात्रा करनी पड़ी। उल्लेखनीय है कि दो दिन तक रोडवेज प्रबंंधन ने हडताल से बाहर रहे चालकों से स्थानीय रूटों पर बसों का संचालन करया था।

करौली से मंगवाई बसें
***** जाम हड़ताल के आगे बढऩे से आगार प्रबंधक ने गुरुवार को करौली में रात्रि ठहराव करने वाली आधा दर्जन बसों को वापस हिण्डौन आगार बुलवा लिया। बसों को सुरक्षा की दृष्टि से आगार में खड़ी कराया है।

नहीं चली एक भी बस
***** जाम के चलते आगार से एक भी बस का परिचालन नहीं हुआ। सभी शिड्यूल बंद रहे।

Published on:
28 Jul 2018 05:05 am