करौली

ग्रामीणों की राह में रोड़ा बना कीचड़

गोठरा. ञ्च पत्रिका. क्षेत्र के अडूदा व धूलवास गांव के बाशिंदे रास्तों में जमा कीचड़ की समस्या से त्रस्त हैं। लम्बे समय से चली आ रही इस परेशानी के समाधान के प्रति ग्राम पंचायत गंभीर नहीं है।
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Sep 29, 2018
karaui
सपोटरा के अडूदा गांव में सड़क पर जमा कीचड़।

गोठरा. ञ्च पत्रिका. क्षेत्र के अडूदा व धूलवास गांव के बाशिंदे रास्तों में जमा कीचड़ की समस्या से त्रस्त हैं। लम्बे समय से चली आ रही इस परेशानी के समाधान के प्रति ग्राम पंचायत गंभीर नहीं है। अडूदा के ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत को गांव में कीचड़ की समस्या के लिए कई बार मौखिक व लिखित रूप से अवगत कराने के बाद भी समस्या समाधान के प्रयास नहीं किए जा रहे, ग्राम पंचायत के प्रति ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत द्वारा गांव में ना सड़क और ना ही नाली निर्माण कराया है, जिससे रास्तों में कीचड़ जमा है। कीचड़ के कारण मच्छर पनप रहे हैं। लोग मौसमी बीमारियों से भी ग्रसित रहते हैं। इसी प्रकार ग्राम पंचायत बूकना के धूलवास गांव में ग्राम पंचायत व सार्वजनिक निर्माण विभाग की उदासीनता के चलते पूरे धूलवास गांव की मुख्य सड़क कीचड़ से अटी है। वहीं सड़क के गड्ढों में गंदा पानी भरा है। ग्रामीण गोविन्द सिंह, हेमन्त वशिष्ठ, भानूप्रताप सिंह, विनोद प्रजापत, लखनलाल मीना, उदय मीना आदि का कहना है मुख्य सड़क मार्ग पर कीचड़ होने से राहगीर फिसलकर गिरकर चोटिल हो जाते हैं। सरपंच व सार्वजनिक निर्माण विभाग को कई बार अवगत कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

अतिक्रमण की शिकायत
करौली. समीपवर्ती चैनपुर गांव में जाटव बस्ती के लोगों ने एसडीओ को ज्ञापन सौंपकर बस्ती में रास्ता रोकने व बस्ती क्षेत्र में फसल को नष्ट करने की शिकायत की है। बस्ती के हरीलाल, तेजराम, सुखचंद, रामनिवास आदि ने बताया कि एक जने ने रास्ता रोककर अतिक्रमण करने से बस्ती के लोगों को परेशानी हो रही है। करीब सौ बीघा भूमि की फसल को नष्ट कर दिया है। ग्रामीणों ने कार्रवाई करने की मांग की है।

भूख हड़ताल
की चेतावनी
जयपुर ञ्च पत्रिका. बेरोजगार पशु चिकित्सक संघर्ष समिति ने शुक्रवार को विभिन्न मांग को लेकर कलक्ट्रेट सर्किल पर धरना दिया। इसमें सरकार के खिलाफ जोरदार आक्रोश भी व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेशाध्यक्ष डॉ. निश्चय सिंह राठौड़ ने बताया कि सरकार ने २०१७ बजट में ९०० पशु चिकित्सक लगाने की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। घोषणा फाइलों में दबकर रह गई। ऐसे में पशु चिकित्सक बेरोजगार घूम रहे हैं। इसको लेकर प्रदेशभर से आए १५० से अधिक पशु चिकित्सकों ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी देते हुए कहा कि आचार संहिता लगने से पूर्व अगर भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो हम भूख हड़ताल करेंगे।

Updated on:
29 Sept 2018 12:20 pm
Published on:
29 Sept 2018 12:20 pm