
करौली. राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को देवनारायण स्कूटी व मेधावी छात्रा स्कूटी वितरण कार्यक्रम हुआ। जिसमें 33 मेधावियों को स्कूटी व देवनारायण स्कूटी योजना में 41 छात्राओं को स्कूटी वितरित की गई। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में करौली विधायक लाखनसिंह, अध्यक्ष प्राचार्य लक्ष्मीचंद मीणा, विशिष्ट अतिथि देवीसिंह सरपंच रहे। प्राचार्य ने बताया कि करौली राजकीय महाविद्यालय नोडल केन्द्र होने के कारण करौली जिले के समस्त निजी व सरकारी महाविद्यालयों का स्कूटी वितरण इसी महाविद्यालय में किया जाता है। विधायक लाखनसिंह ने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढाई करने की बात कही। मंच संचालन प्रीतमसिंह मीना ने किया। इस मौके पर डॉ. केएस रावत, डॉ. केएल मीना, प्रो. दामोदरलाल, विनोद शंकर मौजूद रहे।
पदाधिकारियों के एक गुट ने किया प्रदर्शन
करौली. इधर छात्रसंघ पदाधिकारियों के एक गुट ने महाविद्यालय प्रबंधन पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। छात्रसंघ उपाध्यक्ष लोकेन्द्र शर्मा, महासचिव शिवराम सिंह जादौन तथा संयुक्त सचिव अखलेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष को छोड़ तीनों पदाधिकारियों की उपेक्षा की। कार्यक्रम में आतिशबाजी तथा नियमों के खिलाफ नारेबाजी की गई। पदाधिकारियों ने जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने महाविद्यालय के दरवाजे पर एकत्र होकर महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए।
पदाधिकारियों के एक गुट ने किया प्रदर्शन
करौली. इधर छात्रसंघ पदाधिकारियों के एक गुट ने महाविद्यालय प्रबंधन पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। छात्रसंघ उपाध्यक्ष लोकेन्द्र शर्मा, महासचिव शिवराम सिंह जादौन तथा संयुक्त सचिव अखलेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष को छोड़ तीनों पदाधिकारियों की उपेक्षा की। कार्यक्रम में आतिशबाजी तथा नियमों के खिलाफ नारेबाजी की गई। पदाधिकारियों ने जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने महाविद्यालय के दरवाजे पर एकत्र होकर महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए।
पदाधिकारियों के एक गुट ने किया प्रदर्शन
करौली. इधर छात्रसंघ पदाधिकारियों के एक गुट ने महाविद्यालय प्रबंधन पर उनकी अनदेखी का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया। छात्रसंघ उपाध्यक्ष लोकेन्द्र शर्मा, महासचिव शिवराम सिंह जादौन तथा संयुक्त सचिव अखलेश शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष को छोड़ तीनों पदाधिकारियों की उपेक्षा की। कार्यक्रम में आतिशबाजी तथा नियमों के खिलाफ नारेबाजी की गई। पदाधिकारियों ने जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। छात्रसंघ पदाधिकारियों ने महाविद्यालय के दरवाजे पर एकत्र होकर महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारे लगाए।