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करौली की चंबल नदी में चरवाहे के मिले पैर, धड़ नहीं मिला,अधिकारियों ने तलाशी अभियान किया खत्म

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Oct 02, 2018
The doctors handed over the post mortem to the family, after which the
करौली की चंबल नदी में चरवाहे के मिले पैर, धड़ नहीं मिला,अधिकारियों ने तलाशी अभियान किया खत्म


नानपुर/करणपुर (करौली). जिले की नानपुर पंचायत के कैमोखरी के समीप चबंल नदी में मगरमच्छ का निवाला बने चरवाहे के पैर मंगलवार को दूसरे दिन गोताखोरों ने बरामद किए। लेकिन पूरा शव नहीं मिल पाया। चिकित्सकों ने पैरों का ही पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया जिसके बाद अंतिम संस्कार की औपचारिकता की गई।
अधिकारियों ने चरवाहे के अंग मिलने के बाद तलाशी अभियान भी समाप्त किया।
सपोटरा के तहसीलदार बुद्विप्रकाश मीना ने बताया कि सोमवार को बाबूलाल नाथ (५०) पुत्र श्यौजी नाथ निवासी कैमोखरी बकरी चराने गया था, जो पानी पीने के लिए चंबल नदी के कैमोखरी घाट पर उतरा। इसी दौरान मगरमच्छ उसे खींचकर चम्बल नदी में ले गया। सूचना पर पुलिस तथा वन विभाग के अधिकारियों का दस्ता मौके पर पहुंचा। उन्होंने क्षेत्र के गोताखोर, वन विभाग व पुलिस के जवानों के जरिए से चरवाहे की तलाश की लेकिन सोमवार रात तक कुछ पता नहीं चला।
मंगलवार को दोपहर में उसके दोनों पैरों का हिस्सा क्षत-विक्षत हालत में मिला। काफी कोशिश करने के बाद भी उसका धड़ नहीं मिल सका। परिजनों ने पैरों से ही शिनाख्त की। मौके पर ही डॉ. राधामोहन व सुरेश मीना की टीम ने परिजनों की सहमति पर पोस्टमार्टम किया।
दो राज्यों की टीम ने ११ घंटे चलाया अभियान
चंबल नदी का कैमोखरी घाट मध्यप्रदेश की सीमा के निकट है। इस कारण मध्यप्रदेश व राजस्थान के करौली जिले की टीम ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। दल ने स्टीमर तथा गोताखोरों के जरिए चरवाहे को तलाश किया। लगभग ११ घंटे तक पानी में उसकी तलाश की गई। आखिर में उसके पैरों का हिस्सा ही मिल पाया। तहसीलदार के अनुसार मगरमच्छ चरवाहे को गहरे पानी में ले गया। पैरों को अलग कर दिया, जिससे पैर तैरते हुए मिल गए। धड़ शायद गहरे में पानी में चला गया। अधिकारियों ने चरवाहे के अंग मिलने के बाद तलाशी अभियान भी समाप्त किया।

Published on:
02 Oct 2018 10:02 pm