करौली

जाड़े की जकड़ में आया जिला, सुबह कोहरा, रात को बारिश-ओला

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Jan 24, 2019
karauli hindi news
जाड़े की जकड़ में आया जिला, सुबह कोहरा, रात को बारिश-ओला

करौली. जिला मुख्यालय सहित जिले के कई स्थानों पर गुरुवार रात मौसम ने फिर पलटा खाया। कहीं बारिश हुई तो कहीं बारिश के साथ ओले गिरे। करौली में रात करीब सवा आठ बजे तेज बारिश हुई। करीब 10 मिनट चली बारिश के बीच कहीं-कहीं ओले भी गिरे।

इसी प्रकार क्षेत्र के परीता गांव में भी ओले गिरे। मौसम के बदलते मिजाज ने जिले को अपनी जकड़ में लिया है। कड़ाके की सर्दी के चलते लोग ठिठुर रहे हैं। गत दिनों हुई मावठ और तेज सर्द हवाओं के बाद अब सर्दी के तेवर और तल्ख होते जा रहे हैं।

तापमान में भी गिरावट आई है। जिला मुख्यालय पर गुरुवार सुबह कोहरे की चादर छाई रही, वहीं हल्की बूंदाबांदी ने सर्दी में और इजाफा कर दिया। खेतों में पत्तों पर ओस की बूंदे जमी नजर आईं। दिनभर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए।

ओलावृष्टि से फसल को नुकसान की आशंका
नादौती. मांड क्षेत्र के अनेक गांवों में गुरुवार शाम को ओलावृष्टि हुई। इससे पक कर तैयार खड़ी सरसों की फसल को नुकसान की आशंका है।

सुबह से आसमान में बादल छाए थे। शाम के समय बंूदाबांदी शुरू हुई। इस बीच करीब 15 मिनट तक कांच के कंचे के बराबर आकार के ओलों की बौछार हुई। इससे खेत- खलिहानों व घरों में ओलों की चादर बिछ गई। ओलावृष्टि के इलाकों में कस्बा शहर, सावटा, बाडा, खूडाचैनपुर, बागौर, गुडली, बामौरी, गढ़ीखेमपुर, रायसना आदि गांव शामिल हैं।

सावटा के गोर्वधन सिंह, बाडा के बृजराज सिंह, अभय सिंह, कस्बा शहर के मलखान सिंह, बत्तीलाल माली, बागौर के सजन सिंह, निरंजन धाकड़, रमेश स्वामी आदि किसानों ने बताया कि शाम 7 बजे बूंदाबांदी के साथ गिरे ओलों से जमीं पर ओलों की चादर बिछ गई। किसानों ने पक रही व फलियों से लदी सरसों, चना आदि की फसल में नुकसान की आशंका व्यक्त की है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शीशराम खटाना ने जिला प्रशासन से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आंकलन करवावाने की मांग की है।

गुढ़ाचन्द्रजी. गत दो दिन पहले हुईं बारिश के बाद गुरुवार को दिनभर सर्द हवाओं के चलने से ठिठुरन बनी रही। जगह जगह लोग अलाव जलाकर बैठे रहे।

कस्बे सहित आसपास के ढहरिया, तिमावा, माचड़ी, गढ़मोरा, गढख़ेड़ा, तालचिड़ा, मोहनपुरा, कमालपुरा आदि गांवों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। आसमां से टपक रही ओस की बूंदों से सर्दी बढ़ गई। कोहरे के कारण वाहनों को लाइट जलाकर निकलना पड़ा। दिनभर बादलों के छाए रहने तथा बारिश के कारणसूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए।

किसानों का कहना है कि बारिश से खेतों में अब सिंचाई करने की जरूरत नहीं रही है। इस मावठ को सरसों, गेहूं, चना आदि फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है।

गढमौरा. इलाके में तेज हवाओं के साथ में बरसात हुई। गुरुवार शाम को तेज गर्जना के साथ में बरसात हुई जिससे सर्दी ज्यादा बढ़ गई।
लांगरा. सुबह से ही छाए कोहरे और रिमझिम वर्षा ने लोगों की दिन चर्या पर ब्रेक लगा दिए। इस मौसम के कारण लोग सर्दी से ठिठुरने को मजबूर हुए हैं। वर्षा, हवा और कोहरे से सर्दी दो तीन से बढ़ गईहै। हालांकि वर्षा को फसल के लिए वरदान मान रहे हैं।

Updated on:
24 Jan 2019 11:57 pm
Published on:
24 Jan 2019 11:57 pm