एनएच 2 व 8 के बीच सीधी कनेक्टिविटी से कम होगा दिल्ली, गुडग़ांव व फरीदाबाद पर ट्रैफिक का दबाव
चंडीगढ़। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तहत हरियाणा में एक बड़ी सडक़ परियोजना कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे पर मानेसर से पलवल के बीच आवागमन विधिवत रूप से शुरू होने जा रहा है। यह सडक़ दिल्ली से मथुरा-आगरा को जोडऩे वाले राष्ट्रीय राजमार्ग दो की दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 8 के बीच सीधी कनेक्टिविटी स्थापित करेगी। केंद्रीय सडक़ परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल पांच अप्रैल को पलवल में एक्सप्रेस वे के करीब 52 किलोमीटर लंबाई वाले हिस्से को आमजन के लिए समर्पित करेंगे।
इस सडक़ के चालू होने से न केवल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली बल्कि हरियाणा के फरीदाबाद और गुडग़ांव पर भी ट्रैफिक का दबाव कम होगा। इस हिस्से पर यातायात बहाल होने को एनसीआर क्षेत्र में सडक़ परिवहन का नया विस्तार बताया गया है। हरियाणा में दिल्ली-गुडग़ांव मार्ग के बाद यह दूसरा एक्सप्रेस वे होगा। कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर ट्रैफिक के दबाव को कम करने के लिए बनना था है लेकिन इस परियोजना की निर्धारित समयसीमा बार-बार बढ़ती रही।
हरियाणा और केंद्र की वर्तमान सरकारों ने सकारात्मक पहल करते हुए सडक़ के निर्माण को पुुन: आरंभ कराया। इस सडक़ के निर्माण को अलग-अलग हिस्सों में बांट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 नवंबर, 2015 को हरियाणा में सोनीपत जिले के राई से इस परियोजना का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कराया। जिससे सडक़ का एक हिस्सा अपनी निर्धारित डेडलाइन के भीतर ही चालू हो गया। इस हिस्से के चालू होने से अब मानेसर से कुण्डली के बीच निर्माण भी तेजी से पूरा होने की उम्मींद बंधी है।
करीब 136 किलोमीटर लंबे कुण्डली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस से हरियाणा से गुजरने वाले सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग दिल्ली के बाहर ही आपस में कनेक्ट हो जाएंगे। जिससे देश के उत्तरी राज्यों का मध्य व दक्षिणी राज्यों के बीच होने वाला आवागमन अब दिल्ली के बाहर से ही होगा। एनएच 1 से शुरू होने वाला यह एक्सप्रेस वे राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लगते हरियाणा के सोनीपत, झज्जर, गुडग़ांव जिलों के अलावा पलवल और मेवात से भी गुजरेगा। इस सडक़ के निर्माण पर करीब 2300 करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है।