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मानसून में इस बार भी भिवाड़ी को मिलेगा जलभराव का दर्द

उद्योग क्षेत्र में जल्द ही मानसून दस्तक देगा लेकिन बारिश के दौरान स्थिति नाजुक ही रहने वाली है। गत तीन वर्ष से भिवाड़ी जलभराव का दंश झेल रही है, इस बार भी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद नहीं है। 15 से 30 मई के बीच बायपास पर कई बार जलभराव हो चुका है।

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भिवाड़ी

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Dharmendra dixit

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Dharmendra Dixit

Jun 02, 2026

bhiwadi news

बीडा का चार किमी नाला अभी से चल रहा ओवरफ्लो

भिवाड़ी. उद्योग क्षेत्र में जल्द ही मानसून दस्तक देगा लेकिन बारिश के दौरान स्थिति नाजुक ही रहने वाली है। गत तीन वर्ष से भिवाड़ी जलभराव का दंश झेल रही है, इस बार भी स्थिति में सुधार होने की उम्मीद नहीं है। 15 से 30 मई के बीच बायपास पर कई बार जलभराव हो चुका है। गत दिनों नाली-नालों का पानी भराव क्षेत्र से निकलकर सडक़ों पर आ गया जिससे कई फीट पानी सडक़ों पर भर गया। भिवाड़ी में जलभराव की स्थिति से कितनी निजात मिलेगी, मानसून आने वाला है, विभागों की क्या तैयारी है, नालों की कितनी सफाई हुई है उक्त स्थिति का जायजा लेने के लिए पत्रिका ने सोमवार को मौके पर जाकर यथास्थिति देखी और व्यवस्था की पड़ताल की, जिसमें निकलकर सामने आया है कि इस बार भी स्थिति गत तीन वर्षों जैसी रहेगी। आमजन जलभराव से त्रस्त रहेगा। बायपास से उद्योग क्षेत्र में जाने-आने के लिए दरिया पार करने पड़ेंगे। भिवाड़ी में बायपास, भगत ङ्क्षसह कॉलोनी, भिवाड़ी मोड, बस स्टैंड, फूलबाग चौक, हरचंदपुर, आरएचबी सेक्टर एक, दो, तीन, श्याम वाटिका, बाल वाटिका और उद्योग क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव होता है। जलभराव की वजह से आवागमन बाधित हो जाता है।

नहीं हो सकती सफाई

बीडा के क्षेत्र में चार किमी बड़ा और गहरा नाला आता है जो कि पाŸवनाथ मॉल से शुरू होकर, स्टेडियम होकर, बस स्टैंड से नगीना गार्डन होते हुए बायपास तक आता है। उक्त नाले में बारिश का पानी आता है। प्राकृतिक बहाव होने से चार किमी हिस्से का पानी बायपास की तरफ बहकर आ जाता है। उक्त नाले में अभी भी पानी भरा हुआ है। जलभराव से नाला लबालब है। बीडा अभियंताओं का कहना है कि नाला पानी से भरा है, इसमें जो सिल्ट है उसे नहीं निकाला जा सकता। नाला अभी बिना बारिश के ही भरा हुआ है, बारिश होने पर ओवरफ्लो होकर सडक़ों पर नाले बहते नजर आएंगे, जो कि गत वर्षों की तरह ही आमजन को परेशानी में डालेंगे।

मानसून से पूर्व सफाई

नगर परिषद के क्षेत्र में 17 किमी नाले हैं, इनकी सफाई के लिए परिषद ने 25 लाख का टेंडर जारी किया, जिससे अभी तक 8.7 किमी की सफाई हो चुकी है। 15 जून तक सफाई का लक्ष्य रखा गया है लेकिन नगर परिषद के नालों की सफाई से भी मानसून में राहत नहीं मिलेगी क्योंकि परिषद के सभी छोटे-बड़े नाले बीडा के बड़े नाले में आकर मिल जाते हैं। उनका पानी जब बीडा के नाले में आएगा तो उससे सडक़ों पर कई फीट पानी भरना तय है।

रीको का इंतजार

रीको के उद्योग क्षेत्र के साथ कई आवासीय क्षेत्र सटे हुए हैं। रीको की ओर से सफाई व्यवस्था और नाला सफाई के लिए इंटीग्रेटेड टेंडर किया गया है। टेंडर खुलने के बाद फाइल मुख्यालय स्वीकृति के लिए भेजी गई है। वहां से निर्देश मिलने के बाद ही कार्यादेश जारी होंगे, जिसकी वजह से रीको क्षेत्र में नालों की सफाई अभी तक शुरू नहीं हुई है। संभावना है कि जब तक रीको सफाई शुरू करेगी, तब तक मानसून दस्तक दे देगा, ऐसी स्थिति में नालों की सफाई करना आसान नहीं होगा।