कासगंज

भगवान श्रीकृष्ण की पांच प्रिय वस्तुएं, बड़ी सीख मिलती है इनसे

माखन मिश्री हमें सीख देती है कि हमारा व्यवहार ऐसा हो कि हमारे आस-पास हमारे व्यवहार की मिठास घुल जाए।

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Oct 19, 2018
shri krishna

पांच वस्तुएँ हैं, जिनसे प्रभु श्रीकृष्ण अति प्रसन्न होते हैं। ये सभी वस्तुएं इन्हें बचपन से ही प्यारी हैं। इसी धारणा से आज भी भक्त इन्हें ये वस्तुएं प्रदान करते हैं। ये पांच चीजें हैं- 1. बांसुरी, 2, गाय, 3. मोर पंख, 4. कमलबीज की वैजयंतीमाला, 5. माखन और मिश्री। इन वस्तुओं के रहस्य ज्ञान से भक्तों को श्रीकृष्ण का प्रेम और सीख भी प्रदान होती है।

1. बांसुरी

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बांसुरी श्री कृष्ण को अति प्रिय है, इसे प्रभु अपनी खुशी और दुख दोनों में बजाया करते थे, हमेशा उनके साथ उनकी बांसुरी रहती थी, उन्हें बंसी बजैया भी कहा जाता है। बांसुरी में तीन गुण होने से प्रिय है। 1. बांसुरी में कोई गांठ नहीं होती है, इसी तरह मनुष्य को भी किसी भी बात की गांठ नही बांधनी चाहिए, किसी की भी बुराई को पकड़ के मत बैठो। 2. दूसरा गुण यह है कि बांसुरी बिना बजाये बजती नहीं, अत: जब तक ना बोला जाय, हम भी व्यर्थ ना बोलें। 3. तीसरा, जब भी बांसुरी बजती है मधुर ही बजती है। इसका अर्थ हुआ जब भी बोलें, मीठा ही बोलें। जब ऐसे गुण प्रभु किसी में देखते हैं, तो उसे उठाकर अपने होंठों से लगा लेते हैं।

2. गाय

श्रीकृष्ण को गौ अत्यंत प्रिय हैं। दरअसल, गौ सब कार्यों में उदार तथा समस्त गुणों की खान है। गौ मूत्र, गोबर, दूध, दही और घी, इन्हे पंचगव्य कहते हैं, मान्यता है कि इनका पान कर लेने से जीव के भीतर कोई भी रोग और पाप नहीं ठहरता, जो गौ की एक बार प्रदक्षिणा करके उसे प्रणाम करता है, वह सब पापों से मुक्त होकर अक्षय स्वर्ग का सुख भोगता है।

3.मोरपंख

मोर ही एकमात्र प्राणी है जो ब्रह्मचर्य का पालन करता है, मोरनी मोर के आँख के आँसू को पीकर ही संतान को जन्म देती है। इसलिये इस सुन्दर पक्षी के पंख श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है और हमेशा उसे अपने शीश पर मोरमुकुट के रूप में सजाते हैं।

4. कमल की वैजयंतीमाला

कमल गन्दगी में रह कर भी बहुत सुन्दर और पवित्रता का प्रतीक है, इसकी खुशबू मनको मोह लेती है। यह हमें जीवन जीने का सन्देश देता है कि आपके आसपास कितने भी अवगुणी लोग क्यों ना हों, चाहे तो आप गुणवान बन सकते हैं, आपको अवगुण छू भी नहीं सकते। कमल से बनी वैजयंती माला श्रीकृष्ण जी के गले में शोभित है। कमल के बीजों से बनी वैजयंती माला चमकदार होती है, बीज सख्त होने के कारण टूटते नही हैं। यह माला हमें सीख देती है कि किसी भी अवस्था में टूटें नही, हमेशा चमकदार बने रहें और इन बीजों की मन्जिल है धरा तो हमेशा अपनी जमीन से जुड़े रहें। कितने भी बड़े क्यों ना हो जाएं पर अपनी पूर्व पहचान के नजदीक बने रहें, जो इस तरह रहते हैं, प्रभु उनको अपने गले लगा लेते हैं।

5. माखन मिश्री

माखन मिश्री से सीखें कि मिठास हमारे कान्हा को बहुत ही प्रिय है। मिश्री में सबसे बड़ा गुण यह है कि जब इसे माखन में मिलाया जाता है, तो उसकी मिठास माखन के कण-कण में घुल जाती है। यह हमें सीख देती है कि हमारा व्यवहार भी ऐसा ही होना चाहिए कि हमारे आस-पास हमारे व्यवहार की मिठास घुल जाये, हमारे सम्पर्क में आकर आसपास भी मधुर गुण भर जाए।

प्रस्तुतिः आर्येन्द्र यादव, कासगंज

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Published on:
19 Oct 2018 07:15 am
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