
हाथों की मेहंदी सूखी भी नहीं थी कि अनाथ हो गई दुल्हन | AI Generated Image
Kasganj Bride Mother Death: यूपी के कासगंज जिले के बेरी हरनामपुर गांव में रविवार की रात एक ऐसी त्रासदी घटी, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप गई। जिस घर से सोमवार की सुबह बेटी की डोली उठनी थी, वहां कुछ घंटों पहले मां की अर्थी सज गई। बरात के स्वागत और मंगल गीतों से सराबोर घर में अचानक मौत का सन्नाटा पसर गया। खुशियों का यह माहौल तब मातम में तब्दील हो गया जब जयमाला की रस्म के ठीक बाद दुल्हन की मां की अचानक मृत्यु हो गई।
गांव निवासी छोटेलाल की पुत्री रेखा की बरात अलीगढ़ के अतरौली से आई थी। बरात चढ़त और द्वारचार की रस्में हंसी-खुशी संपन्न हुईं। स्टेज पर जयमाला का कार्यक्रम चल रहा था। दुल्हन की मां, 55 वर्षीय शशिदेवी अपनी लाडली को नए जीवन की शुभकामनाएं देने और आशीर्वाद देने स्टेज पर पहुंची थीं। बेटी के चेहरे की खुशी देख मां भावुक थी, लेकिन तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह बेसुध होकर गिर पड़ीं। परिजन आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जैसे ही अस्पताल से शशिदेवी की मृत्यु की खबर घर पहुंची, शादी के जश्न में कोहराम मच गया। जो रिश्तेदार नाच-गा रहे थे, उनकी आंखों में आंसू आ गए। अस्पताल से शव घर लाया गया तो पूरा गांव बिलख पड़ा। एक तरफ मां का पार्थिव शरीर पड़ा था और दूसरी तरफ बेटी के विवाह की अनिवार्य रस्में पूरी की जा रही थीं। पंडित के मंत्रों की ध्वनि परिजनों की सिसकियों में दब गई। गमगीन माहौल में रेखा और दूल्हे ने सात फेरे लिए, लेकिन इस विवाह में उल्लास की जगह सिर्फ भारी सन्नाटा था।
सोमवार की सुबह का नजारा और भी हृदयविदारक था। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस मां ने बेटी की विदाई के सपने संजोए थे, उसे बेटी की विदाई से पहले ही अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। गांव के श्मशान घाट पर शशिदेवी का अंतिम संस्कार किया गया। मां को अंतिम विदाई देने के बाद, भारी मन से रेखा को ससुराल के लिए विदा किया गया। परिजनों ने बताया कि माहौल इतना दुखद है कि केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और दुल्हन सोमवार को ही ससुराल से वापस अपने मायके लौट आएगी। इस हृदयविदारक घटना ने बेरी हरनामपुर गांव के हर शख्स को स्तब्ध कर दिया है।
Published on:
23 Feb 2026 08:23 pm
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