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चित्कारों के बीच दी गई आखिरी विदाई, एक ही घर से निकलीं 5 अर्थियां तो रो पड़ा पूरा गांव

यूपी के कासगंज में हुई घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर के मुखिया ने पत्नी और तीन मासूम बच्चों की हत्या करने के बाद खुद भी जान दे दी। रविवार को जैसे ही पांचों के शव गांव पहुंचे, माहौल चीख-पुकार और मातम से भर गया।

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Murder news

यूपी के कासगंज में एक घर में पांच लोगों के शव मिले है। इसमें पति-पत्नी और तीन बच्चे शामिल हैं। ।

कासगंज में एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत के बाद रविवार को शव पहुंचा तो हर आंख नम हो गई। शवों को फकौता कंपोजिट विद्यालय के पास एक आम के बाग में रखा गया। सूचना मिलते ही फकौता, टिकुरिया, नगला गुलरिया समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। तीनों बच्चों के शवों को खेत के पास तालाब किनारे ले जाया गया। मासूमों की एक साथ मिट्टी उठते ही चीख-पुकार मच गई। जेसीबी से गड्ढा खोदकर उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। वहीं, सत्यवीर और उसकी पत्नी रामश्री के शव का अंतिम संस्कार किया गया। दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।

जानें क्या है पूरा मामला

मामला कासगंज का है। यहां के अमांपुर में एक युवक शादी का निमंत्रण पत्र देने श्यामवीर के घर पहुंचा। उसने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया। नाम लेकर आवाज दी, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। आसपास के लोगों ने बताया कि 3 दिन से घर का कोई सदस्य दिखा नहीं। शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने छेनी-हथौड़े से लोहे का दरवाजा काटकर घर में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देख सभी सन्न रह गए।

अंदर का मंजर देखकर दहल उठे लोग

कमरे के अंदर श्यामवीर (50) का शव फंदे से लटका मिला। पास ही बेड पर तीनों बच्चों- प्राची (12), आकांक्षा (10), गिरीश और फर्श पर पत्नी रामश्री (48) के शव पड़े थे। बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। इससे आशंका जताई जा रही है कि उन्हें जहर दिया गया है। वहीं, पत्नी का गला काटा गया था। पुलिस ने सभी शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पड़ोसियों के मुताबिक, श्यामवीर का बेटा गिरीश न्यूरो संबंधी बीमारी से पीड़ित था। उसके इलाज में काफी खर्च हो रहा था। बताया गया कि कुछ दिन पहले ही श्यामवीर ने पड़ोसी से उधार लिए थे और कई लोगों से आर्थिक मदद मांगी थी। घर की हालत से लग रहा था कि कई दिनों से चूल्हा नहीं जला था।

10×10 के कमरे में रहता था परिवार

श्यामवीर मूल रूप से नगला भोजराज गांव का रहने वाला था। 13 साल पहले उसकी शादी नगला वादिक निवासी रामश्री से हुई थी। वह अमांपुर में पेट्रोल पंप के पीछे किराये के एक छोटे से कमरे (करीब 10×10) में परिवार के साथ रहता था। आगे के हिस्से में वेल्डिंग की दुकान थी और पीछे कमरे में पूरा परिवार रहता था।पहले वह भाइयों के साथ वेल्डिंग की दुकान चलाता था, लेकिन अलग होने के बाद घर पर ही काम शुरू कर दिया था।

चार महीने से पिता से नहीं हुई थी बात

श्यामवीर के पिता नेम सिंह ने बताया कि तीन साल पहले 12 बीघा जमीन का बंटवारा चारों बेटों में कर दिया गया था। पिछले चार महीनों से उनकी श्यामवीर से बातचीत नहीं हुई थी। वहीं ससुराल पक्ष का आरोप है कि पिता ने कभी आर्थिक मदद नहीं की।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही DIG प्रभाकर चौधरी, DM प्रणय सिंह और SP अंकिता शर्मा मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। SP अंकिता शर्मा ने बताया कि शाम साढ़े छह बजे सूचना मिली थी। दरवाजा काटकर अंदर प्रवेश किया गया, जहां श्यामवीर का शव फंदे से लटका मिला। बाकी शव कमरे के अंदर पड़े थे। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह और घटनाक्रम पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।