कासगंज हिंसा के चौथे दिन दहशत का आलम कम होता दिखाई दिया।
कासगंज। कासगंज हिंसा के चौथे दिन दहशत का आलम कम होता दिखाई दिया। सोमवार सुबह से ही पुलिस की सतर्कता के बीच बाजार खुले, तो लोगों की चहल पहल भी दिखाई देना शुरू हो गई। चार दिन की दहशत के बाद लोग अपने घरों से रसोई के सामान की खरीदारी करने निकले, तो उन्हें महंगाई का सामना करना पड़ा।
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बदले बदले हालात
कासगंज के हालत बदले बदले दिखाई दिए। ठेल, फेरी वाले दिखाई नहीं दिए, तो कचौड़ी से दिन की शुरुआत करने वाले लोग भी अनहोनी से बचते दिखाई दिए। शहर का सहावर बाजार, नदरई, बिलराम और सोरों गेट बाजार कहीं भी आम दिनों जैसी रौनक नहीं दिखाई दी। सोमवार सुबह लोगों की चहल पहल के बीच भी अजीब सा सन्नाटा रहा। पुलिस और आरएएफ के जवानों की टोलियां जगह जगह दिखाई दे रहीं थीं।
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ये था मामला
कासगंज में गणतंत्र दिवस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा निकाली गई तिरंगा यात्रा को लेकर विवाद हो गया था। इसमें युवा चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। इसके बाद हिंसा भड़क उठी थी। इस बीच जिलाधिकारी आरपी सिंह ने बताया कि शासन ने चंदन के परिजनों को 20 लाख रुपये की देने की घोषणा की है।
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चार मुकदमे दर्ज
पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ संजीव गुप्ता ने बताया कि 31 लोगों को जेल भेजा गया है। अन्य उपद्रवकारियों को चिह्नित किया जा रहा है। शांति भंग करने वाले को छोड़ा नहीं जाएगा। तिरंगा यात्रा के बाद हुए बवाल को लेकर चार मुकदमे दर्ज हुए हैं।
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