
कासगंज। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh ) और उत्तराखंड ईसाई समाज के बिशप (Bishop) डॉक्टर पीपी हाविल डायसिस ऑफ आगरा के विरुद्ध प्रयागराज (Payagraj) में मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे ईसाई समाज (Christianity) में भारी आक्रोश है। कासगंज सीएनआई सदर चर्च के प्रेस्विटेर फादर और क्रिश्चियन हॉस्पीटल के डायरेक्टर डॉ. लायल की अगुवाई में जुलूस निकाला गया। कलक्ट्रेट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi adityanath) को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी (DM kasganj) चंद्रप्रकाश सिंह को सौंपा। प्रयागराज में दर्ज मुकदमे को तत्काल वापस लेने की मांग की।
धर्म परिवर्तन कर फर्जी बिशप बनने का आरोप
ज्ञापन के माध्यम चर्च के प्रेस्विटेर रेवरेन अनिल फादर ने बताया कि बिशप जॉन ऑगस्टीन एक फर्जी बिशप है। उसका असली नाम विनोद कुमार यादव है, जो धर्म परिवर्तन कर ईसाई बन बैठा है। फर्जी तरीके से एक संस्था पंजीकृत कराकर जालसाजी से चर्च की जमीनों के कागजातों को छेड़खानी कर पूरे भारत वर्ष के मसीह समाज को परेशान करने का काम कर रहा है। इसके खिलाफ डेढ दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसने मसीह समाज के धर्मगुरू राइट रेवरन डॉ. पीपी हाबिल के खिलाफ प्रयागराज में मुकदमा दर्ज करा दिया है। उन्होंने कहा कि अगर यह मुकदमा वापस नहीं किया तो देशभर का मसीह समाज उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।