कासगंज

कासगंज हिंसा: चंदन की मौत से पहले शुरू हुआ था इस तरह बवाल, देखें एक्सक्लूसिव वीडियो

कासगंज हिंसा की कहानी बिलराम गेट से हुई शुरू।
2 min read
• •
Updated: 31 Jan 2018, 2:55 PM IST
UP Kasganj Violence
UP Kasganj Violence

कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज में हुई हिंसा की कहानी कहां से शुरू हुई। आखिर 26 जनवरी को ऐसा क्या हुआ था, कि पूरा शहर दंगे की आग में झुलस उठा। चंदन गुप्ता की जान चली गई। कई दुकानें फूंक दी गईं। पूरा शहर आग में झुलस उठा। शांत रहने वाला कासगंज धधक उठा। ऐसे कई सवाल मन में हैं। पत्रिका टीम ने कासगंज के मोहल्ला बड्डू नगर बिलराम गेट अब्दुल हमीद चौराहे पर जाकर घटना की तह तक जाने का प्रयास किया। एक एक्सक्लूसिव वीडियो पत्रिका टीम के हाथ लगा। ये वीडियो चंदन की मौत से पहले का है। बड्डू नगर बिलराम गेट पर बवाल हुआ। मौके पर पुलिस भी पहुंच चुकी थी। इसके बाद आगे का घटना क्रम हुआ।

ये भी पढ़ें -

ये था मामला
कासगंज जिले में गणतंत्र दिवस के अवसर पर तिरंगा यात्रा के दौरान बवाल हुआ था। दो समुदाय के युवक आपस में भिड़ गए, जमकर ईंट पत्थर चले और फायरिंग हुई। इस घटना में तीन स्कार्पियों समेत आधा दर्जन वाहनों में तोड़फोड की गई। फायरिंग के दौरान तीन युवकों को गोली लगी, एक की मौके पर ही मौत हो गई वहीं दो गंभीर रूप से घायल हुए। इस बवाल के दौरान चंदन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी।

ये भी विवाद है चर्चा में
घटना की शुरुआत 23 जनवरी, 2018 से शुरू होती है। ठंडी सड़क पर प्रसिद्ध चामुंडा मंदिर है। इसके द्वार पर गेट लगवाया जा रहा था। आसपास के संप्रदाय विशेष के लोगों ने विरोध कर दिया। गेट लगाने का विरोध में धरना दिया। पत्रकार अशोक कुमार का कहना है कि गेट इसलिए लगाया जा रहा था ताकि वाहन और पशु प्रवेश न करें। पशुओं के प्रवेश से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। इस घटना का तिरंगा यात्रा का कोई संबंध नहीं होना चाहिए, लेकिन कुछ लोग जोड़कर देख रहे हैं। इसके विपरीत एबीवीपी के संगठन मंत्री सुनील वार्ष्णेय कहते हैं कि चामुंडा मंदिर पर गेट लगाने के विवाद का गुस्सा तिरंगा यात्रा पर निकाला गया। सुनियोजित साजिश थी।

Updated on:
31 Jan 2018, 2:55 PM IST
Published on: