21 students fell ill due to contaminated food
कटनी. विजयराघवगढ़ स्थित कस्तूरबा गांधी कन्या छात्रावास में दूषित भोजन का सेवन करने से छात्राएं अचानक बीमार हो गईं। एक-एक कर छात्राएं उल्टी करने लगी तो चीख-पुकार मच गई। आधी रात में एक-एक कर 21 छात्राएं बीमार हुई तो हडक़ंप मच गया। 108 एंबुलेंस बुलाकर छात्राओं को विजयराघवगढ़ अस्पताल पहुंचाकर उपचार के लिए भर्ती कराया गया। मंगलवार को उपचार के बाद 17 छात्राओं को डिस्चार्ज किया गया वहीं 4 छात्राओं का उपचार अबतक जारी है। कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने इस संबंध मे पूरी जांच कर प्रतिवेदन सौंपने डीपीसी को निर्देशित किया है।
जानकारी के अनुसार छात्रावास में छात्राओं ने सोमवार की रात्री आलू टमाटर की सब्जी, रोटी, तुअर की दाल और चावल खाया। रात्रि भोजन करने के बाद छात्राएं सोने के लिए अपने कमरे में चली गईं। रात करीब 11 बजे अचानक से एक-एक कर छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें लगातार उल्टियां होने लगी। बड़ी संख्या में छात्राओं की बिगड़ती तबीयत देख छात्रावास की कर्मचारी रामकली बर्मन ने विजयराघवगढ़ बीएमओ डॉ. विनोद को इसकी जानकारी दी और बताया कि छात्राएं बड़ी संख्या में बीमार हो गई है, जिसके बाद अस्पताल से 108 एंबुलेंस को छात्रावास भेजा गया। रात में दो बार 108 एंबुलेंस छात्रावास गई और छात्राओं को अस्पताल लेकर आई। यहां छात्रा गौरी पिता बद्रीप्रसाद बर्मन, मधु पिता रामकृपाल केवल, मुध पिता गुड्डु कुशवाहा, साक्षी पिता संतोष यादव, दिव्या पिता दीपक विश्वकर्मा, संध्या पिता गंगा सिंह, श्वेता पिता चंद्रपाल सिंह, नंदनी पिता सभापति केवट, दामिनी पिता संतोष केवट, प्राची पिता बबलू केवट, शिल्पी पिता राकेश राय, सुंदरी पिता राकेश केवट, जागृति पिता रवि केवट, जमना पिता रामरूचि कुमार, रिया पिता मुरली विश्वकर्मा, हेमा पिता उमेश केवट, वंदना पिता घनश्याम पांडे, सुमन पिता भइयालाल केवट, लक्ष्मी पिता सुजान काछी, जानकी पिता लक्ष्मीदास व कशिश पिता मोतीलाल कोल को भर्ती कराया गया।
डीपीसी पहुंचे अस्पताल, कल छात्रावाए जाएगी टीम
बड़ी संख्या में छात्राओं के बीमार होने की सूचना व कलेक्टर के आदेश के बाद डीपीसी केके डेहरिया विजयराघवगढ़ अस्पताल पहुंचे और यहां मौजूद छात्राओं व उनके परिजनों से चर्चा की। छात्राओं ने बताया कि उन्होंने रात में खाना खाया था और उसके कुछ देर बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ गई। डीपीसी ने बताया कि कन्या छात्रावास होने के कारण छात्रावास का जायजा मंगलवार को नहीं किया गया है। बुधवार को महिला अधिकारियों की टीम सहित छात्रावास में जांच की जाएगी।
किचन को किया सील, होगी सैंपलिंग
जानकारी के अनुसार छात्राओं के उल्टी-दस्त से पीडि़त होने व भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठने के छात्रावास में बने भोजन की जांच के आदेश कलेक्टर दिलीप कुमार यादव ने दिए है। जांच के पूर्व छात्रावास के किचन को सील कर दिया गया है। बुधवार को यहां फूड सैंपलिंग कराई जाएगी व रॉमटेरियल की जांच होगी।
इनका कहना
रात में छात्रावास कर्मचारी ने छात्रावाओं के बीमार होने की सूचना दी थी, जिसके बाद 108 को भेजा गया था। प्रथम दृष्टया दूषित भोजन या पानी के कारण छात्राओं की बीमार होना सामने आया है। 21 में से 17 छात्राओं को डिस्चार्ज कर दिया गया है। शेष छात्राओं का उपचार जारी है।
डॉ. विनोद, बीएमओ, विजयराघवगढ़ अस्पताल
छात्रावास के किचन को सीलबंद कर दिया गया है। छात्रावास में बने भोजन व रॉ-मटेरियल की जांच की जाएगी। अधिकांश छात्राओं को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है।
केके डेहरिया, डीपीसी
प्रतिदिन की तरह हाई स्कूल एवं मिडिल स्कूल की छात्राएं आवासीय छात्रावास में रहकर समय से अध्ययन एवं भोजन प्राप्त कर रही है। अचानक एक छात्रा को उल्टी होते देख अन्य छात्राओं को उल्टी होने लगी। यह क्यों हुआ, इसका कारण स्पष्ट नहीं है।
रचना मिश्रा, वार्डन, कस्तूरबा गांधी छात्रावास