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बेपरवाही: अधर में 2.52 करोड़ की चौपाटी नवीनीकरण और पार्किंग परियोजना

जिला अस्पताल के सामने नगर निगम द्वारा कराया जा रहा है निर्माण, 65 में से केवल 41 दुकानें तैयार, जमीन आवंटन और बजट की कमी बनी बाधा

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 12, 2026

Negligence in Chowpatty renovation and parking plan

Negligence in Chowpatty renovation and parking plan

कटनी. नगर निगम द्वारा जिला अस्पताल के सामने 2.52 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित चौपाटी निर्माण और पार्किंग नवीनीकरण का कार्य अधर में लटक गया है। निर्धारित समयसीमा बीतने के बावजूद परियोजना पूरी नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों में नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम ने 8 जनवरी 2024 को ठेकेदार राजेश कुमार जैन को टेंडर जारी कर अनुबंध किया था। योजना के तहत यहां 65 दुकानों के निर्माण के साथ चौपाटी और पार्किंग क्षेत्र का विकास किया जाना था। हालांकि अब तक केवल 41 दुकानों का निर्माण ही पूरा हो पाया है, जबकि शेष दुकानों का निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है।

12 माह में पूरा होना था काम

नियमानुसार ठेकेदार को 12 महीने के भीतर पूरा निर्माण कार्य संपन्न करना था, लेकिन समय पर काम पूरा न होने के कारण नगर निगम ने समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2025 तक कर दी थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है। आधे-अधूरे निर्माण को लेकर नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता भी सवालों के घेरे में है।

आवंटन की समस्या आ रही आड़े

सूत्रों के मुताबिक इस परियोजना में मुख्य समस्या तकनीकी कारणों और भूमि आवंटन से जुड़ी है। जिस जमीन पर निर्माण कार्य किया जा रहा है, उसका नगर निगम के नाम से अब तक विधिवत आवंटन नहीं हो पाया है। इसके अलावा नगर निगम को प्रीमियम के रूप में करीब 3 करोड़ रुपये शासन के खजाने में जमा करने हैं, लेकिन बजट की कमी के कारण यह प्रक्रिया भी लंबित है। बताया जा रहा है कि इस योजना के लिए शासन से अब तक कोई अनुदान प्राप्त नहीं हुआ है। यही कारण है कि परियोजना की गति काफी धीमी बनी हुई है और अभी तक कुल मिलाकर लगभग 60 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है।

नहीं मिल रही सुविधा

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल के सामने चौपाटी और पार्किंग बनने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बेहतर होती और व्यापार को भी बढ़ावा मिलता। फिलहाल अन्य नगर निगम परियोजनाओं की तरह यह योजना भी धीमी गति के कारण अधूरी पड़ी हुई है, जिससे नागरिकों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।