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रेल रोका आंदोलन: हजारों ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अपडाउनर्स सडक़ पर उतरे, 15 दिन का दिया अल्टीमेटम

स्लीमनाबाद रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर उग्र हुआ जनआंदोलन, रेलवे अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन, छावनी में तब्दील रहीं स्लीमनाबाद की सडक़ें व रेलवे स्टेशन, समझाइश के बाद माने प्रदर्शनकारी

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कटनी

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Balmeek Pandey

Mar 11, 2026

Demand for stoppage of trains at Sleemanabad railway station

Demand for stoppage of trains at Sleemanabad railway station

कटनी. स्लीमनाबाद रेलवे स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर मंगलवार को क्षेत्र में जनआक्रोश देखने को मिला। ग्राम विकास संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस वृहद आंदोलन में सुबह 8 बजे से ही हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अपडाउनर्स स्टेशन परिसर के पास एकत्रित होने लगे। आंदोलनकारियों ने क्षेत्रीय जनता की वर्षों पुरानी मांग को दोहराते हुए प्रमुख एक्सप्रेस और इंटरसिटी ट्रेनों के स्लीमनाबाद में ठहराव की मांग की।
आंदोलनकारियों का कहना था कि स्लीमनाबाद क्षेत्र एक बड़ा व्यापारिक और शैक्षणिक केंद्र है, लेकिन यहां प्रमुख ट्रेनों का ठहराव नहीं होने के कारण क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों, विद्यार्थियों और मरीजों को अन्य स्टेशनों तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती है।

इन ट्रनों के स्टॉपेज की रखी मांग

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी ट्रेनों के स्लीमनाबाद स्टेशन पर नियमित ठहराव की मांग जोर-शोर से उठाई। आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक इन ट्रेनों का स्टॉपेज सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

रेलवे ट्रैक की ओर बढ़े आंदोलनकारी, पुलिस और आरपीएफ ने संभाला मोर्चा

शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे इस आंदोलन के दौरान कुछ समय बाद आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक की ओर कूच करने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। संभावित स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्टेशन के बाहर ही बैरिकेडिंग कर दी गई, ताकि आंदोलनकारी रेलवे ट्रैक तक न पहुंच सकें। इस दौरान प्रशासनिक और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आंदोलनकारियों से चर्चा की और उन्हें ट्रैक की ओर जाने से रोका। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देते हुए उनकी मांगों को गंभीरता से लेने का आश्वासन दिया।

अधिकारियों ने दिया लिखित आश्वासन

मौके पर पहुंचे वाणिज्य रेल मंडल प्रबंधक नीतेश सोनी, एसडीएम राकेश चौरसिया, एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, तहसीलदार सारिका रावत, आकाशदीप नामदेव, थाना प्रभारी सुदेश सुमन, अखिलेश दाहिया और अभिषेक चौबे ने आंदोलनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनकी मांगों को रेलवे बोर्ड तक पहुंचा दिया गया है और इस दिशा में प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों द्वारा आंदोलनकारियों को एक आधिकारिक पत्र भी सौंपा गया, जिसमें महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पत्र में बताया गया कि रीवा-इतवारी एक्सप्रेस (11753/54) के स्लीमनाबाद स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव के लिए रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है और इसकी अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। इसके अलावा जबलपुर-अंबिकापुर इंटरसिटी और जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी ट्रेनों के स्लीमनाबाद स्टेशन पर ठहराव का प्रस्ताव भी रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है, जिस पर विचार किया जा रहा है।

15 दिन का दिया अल्टीमेटम

अधिकारियों द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बाद ग्राम विकास संघर्ष समिति ने फिलहाल आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया। हालांकि आंदोलनकारियों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर इन ट्रेनों का स्लीमनाबाद स्टेशन पर ठहराव सुनिश्चित नहीं किया गया तो इससे भी बड़ा और व्यापक आंदोलन किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की यह मांग लंबे समय से लंबित है और अब इसे और अधिक समय तक नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि तय समय सीमा में सकारात्मक परिणाम नहीं मिलता है तो हजारों ग्रामीणों के साथ फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस प्रदर्शन में ग्राम विकास संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य प्रदीप त्रिपाठी, अमरदीप साहू, दीपक तिवारी, सरपंच कल्लू दास बैरागी, प्रमिला ब्रजेश साहू, मदन सिंह, जगदेव पटेल, महेंद्र दुबे, रामानुज पांडे, ईश्वर चंद्र त्रिपाठी, सीताराम दुबे, अमित गर्ग, विजय साहू, दीनू पांडे, संटु अग्रहरि, अरविंद अग्रहरि, संतोष सिंह, विक्की जैन, अजय विश्वकर्मा, बिंदेश्वरी पटेल, गंगाधर बडग़ैया, अविनाश तिवारी, मंगल सिंह, माधुरी जैन, अजय नामदेव, जितेंद्र सिंह, विपिन सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।