
कटनी. मध्य प्रदेश विद्युत मंडल कटनी शहर संभाग के अंतर्गत बड़ी संख्या में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। शुरुआती दौर में विसंगतियों के कारण जमकर विरोध हुआ, लेकिन लक्ष्य के अनुसार विभाग मीटर लगाने का काम कर रहा है, हां पर विरोध हो रहा है या फिर लोगों में कोई शंका है, वहां पर क्रास मीटर भी लगाए जा रहे हैं। शहर अभियंता मुकेश मोहबे ने बताया कि वर्तमान में 28 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। पहले नॉन-स्मार्ट मीटर के कारण उपभोक्ताओं को मीटर रीडिंग में गलतियों के चलते त्रुटिपूर्ण बिल प्राप्त होते थे, जिससे उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था। इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने समस्त उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना बनाई है।
पुरानी समस्याओं का समाधान
शहर डीई ने बताया कि पूर्व में नॉन-स्मार्ट मीटर में रीडिंग या तो फोटो मीटर रीडिंग या मैनुअल रीडिंग के आधार पर होती थी, जिससे गलतियों की संभावना अधिक रहती थी। धूल जमा होने, डिस्प्ले खराब होने, या परिसर बंद होने के कारण सही रीडिंग नहीं हो पाती थी, जिससे औसत या शून्य खपत के बिल जारी हो जाते थे। लेकिन अब स्मार्ट मीटर से सही रीडिंग प्राप्त हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिलों से निजात मिल रही है और खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
स्मार्ट मीटर की बताई जा रही यह खासियत
स्मार्ट मीटर की एक खासियत यह है कि यह पॉवर फैक्टर को रिकॉर्ड करता है, जिससे उपभोक्ताओं को पॉवर फैक्टर इंसेंटिव का लाभ मिल रहा है। 85 से अधिक पॉवर फैक्टर होने पर 10 से 15 प्रतिशत ऊर्जा प्रभार की राशि में छूट भी दी जा रही है। स्मार्ट मीटर की वजह से उपभोक्ताओं को अब इस तरह के आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर के साथ ही स्मार्ट बिजली ऐप भी जारी किया गया है, जो उपभोक्ताओं को अपने बिजली उपयोग पर नजर रखने में मदद करता है।
यह हैं फायदे