सीएम की घोषणा पर आजतक नहीं हुआ अमल, कई बार विधानसभा में उठी मांग, सिर्फ चल रहा पत्राचार का खेलएक नेता की पहल को दूसरे नेता द्वारा टांग खिंचाई के कारण पिछड़ रहा जिला, समय की मांग को भी तवज्जों नहीं दे रहे मान्नीय व अफसर
कटनी. मार्बल उद्योग, आयरनओर का बड़ा कारोबार, डोलोमाइट की पर्याप्त उपलब्धता, दुनिया में जाहिर कटनी का सेंड स्टोन, राइस मिलें, दाल मिलें, रेत की खदानें, परचून, सराफा और कपड़ा सहित सहित कई मायनों का कटनी जिला खास अहमियत रखता है। शहर व्यापारिक मिनी राजधानी माना जाता है। आज की भागदौड़ भरी जिदंगी में हवाई सुविधा कटनी के लिए बेहद जरूरी है, ताकि जिले में निवेश करने वाले लोग दिल्ली, मुंबई सहित बड़े महानगरों से आसानी से पहुंच सकें, लेकिन कटनी में हवाई पट्टी बनाने के लिए घोषणा के 10 साल बाद भी अबतक इसमें कोई अमल नहीं हो पाया है।
बता दें कि 2012 में खजुराहो इंटरनेशन ग्लोबल मीट का आयोजन हुआ था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हवाई पट्टी बनाए जाने की बात कही थी। बजट में 2013 में एक लाख रुपये तत्कालीन विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार ने स्वीकृत कराए, ताकि प्रोविजन होने से वह काम शासन की वर्किंग में आ जाए। ग्लोबल सबमिट में संसारभर के उद्योगपतियों को मप्र में उद्योग लगाने के लिए बुलाया जा रहा है। हवाई पट्टी की सुविधा यदि कटनी को मिलती है तो व्यक्ति चार्टेड प्लेन से आसानी से पहुंच सकता है व एक दिन में वह पूरी प्रक्रिया कर वापस भी जा सकता था, इससे जिले में विकास के नए द्वार खुलेंंगे। उद्योग, पर्यटन की दृष्टि से कटनी का विकास होगा। बता दें कि एक बार मेक्सिको कंपनी आकर हवाई अड्डा बनाने के लिए सर्वेक्षण कर गई है, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री की घोषणा पर प्रशासनिक व जिम्मेदार विभाग ने ध्यान नहीं दिया है।
ऐसे चली पूर्व में प्रक्रिया
14 जुलाई 2009 को तत्कालीन विधायक गिरिराज किशोर पोद्दार ने विधानसभा में प्रश्न लगाया और कहा कि कटनी जिले में हवाई पट्टी का निर्माण किया जाए। इस पर 6 अक्टूबर 2009 को कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग को कलेक्टर की ओर से पत्र गया था कि अतिशीघ्र प्राक्कलन बनाकर दिया जाए। 11 जनवरी 2010 को कलेक्टर कार्यालय से सूचना आई कि विमानन विभाग को पत्राचार किया गया है, जिसका पत्र क्रमांक 90117 है। इसके बाद 19 फरवरी 2010 को सूचना दी गई कि 4 मार्च 2010 को सचिव विमानन विभाग को पत्र लिखा गया है। 17 जुलाई 2012 के जवाब में कहा गया सीएम ने बजट के आधार पर राज्य शासन द्वारा हवाई पट्टी निर्माण के लिए सैद्धांतिक निर्णय लिया गया है।
यह भी चली प्रक्रिया
- हवाई पट्टी के लिए 25 मई 2011 को मुख्यमंत्री को किया गया पत्राचार।
- 29 नवंबर 2011 को फिर से हवाई पट्टी के लिए लगाया गया विस प्रश्न।
- 26 मार्च 2012 को एक बार और लगाया गया विधानसभा में प्रश्न।
- 13 फवरी 2016 को भी कटनी में सीएम को दिया गया मांग पत्र।
- विधायक संदीप जायसवाल भी हवाई पट्टी के लिए कर चुके हैं पत्राचार।
कलेक्टरों ने नहीं दिखाई रुचि
कटनी में जबसे हवाई पट्टी बनने को लेकर मुद्दा उठा है तो राजनीतिक रोटियां सेंकने वाले जनप्रतिनिधियों की बात तो छोडिय़े तत्कालिक कलेक्टरों ने भी कोई रुचि नहीं दिखाई, जिसका नतीजा यह है कि कटनी को अबतक हवाई पट्टी नसीब नहीं हुई है। विकास दुबे, विक्रम सिंह, आशीष चौबे आदि नागरिकों का कहना है कि कटनी में हवाई पट्टी निर्माण को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों का रवैया भी उदासीन है।
पर्यटक की दृष्टि से जरूुरी
कटनी देश का महत्वपूर्ण जंक्शन है। जंक्शन में होने के साथ ही देश के प्रमुख शहरों से रेल कनेक्टिविटी है। कटनी से मध्यप्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व बांधवगढ़, पन्ना, रीवा तक पहुंचने के लिए सुलभ मार्ग हैं। इन सुविधाओं को ध्यान में रखकर देशी और विदेशी पर्यटक बड़ी संख्या में कटनी पहुंचते हैं। इन पर्यटकों की सुविधा को भी ध्यान में रखकर स्थानीय नागरिक कटनी में हवाई पट्टी निर्माण की मांग कर रहे हैं।
स्वास्थ्य को लेकर होगा बड़ा फायदा
वर्तमान में कटनी में किसी को इमरजेंसी में बेहतर इलाज की जरुरत पड़ जाए तो एयर एंबुलेंस से बड़े शहरों तक जल्दी पहुंचाना संभव नहीं है। कटनी में हवाई पट्टी निर्माण के बाद नागपुर, मुंबई, दिल्ली व दूसरे शहरों तक पहुंचने में समय की बचत होगी।
यह आ रही है अड़चनें
- सरकार पूर्व में छोटे शहरों में हवाई सफर की सुविधा प्रारंभ करने की घोषणा की है। कटनी में हवाई पट्टी निर्माण के बाद शहर के आम नागरिकों को भी विमान सेवाओं का लाभ मिलता।
- 02 स्थानों पर हवाई पट्टी निर्माण के लिए जमीन देखी। पीडब्ल्यूडी ने पहले झिंझरी के पास जमीन देखी। वहां निर्माण संभव नहीं होने के बाद मझगवां में निर्माण के लिए जमीन चिन्हित की गई।
- 06 बार फाइल हवाई पट्टी निर्माण के लिए जिला प्रशासन द्वारा भेजी गई है। स्थानीय अधिकारी कह रहे हैं एविएशन डिपार्टमेंट भोपाल को इस बारे में आगे की कार्रवाई करनी है।
24 साल पहले कटनी जिला बना, बड़ा जिला होने के बाद भी कटनी में निर्माण नहीं हुआ, जबकि उमरिया जिला में इसकी सुविधा है।
वर्जन
हवाई पट्टी के लिए कलेक्टर और मुख्यमंत्री से भी बात हुई है। सबमिट पर भी इस बात पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। हवाई पट्टी कटनी की जरुरत है वह बनकर रहेगा। इसके लिए शीघ्र पहल प्रमुखता से की जाएगी।
वीडी शर्मा, सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष।