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दो साल से सिर्फ फाइलों में दौड़ रहीं इलेक्ट्रिक बसें, अफसरों की सुस्ती से जनता की सुविधा बेहाल

दीनदयाल सिटी बस योजना कागजों में कैद, मंजूरी और टेंडर के बाद भी सडक़ पर नहीं उतरीं बसें, चार्जिंग स्टेशन बनाने की प्रक्रिया भी सुस्त, जनप्रतिनिधियों को नहीं समस्या से कोई सरोकार

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कटनी

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Balmeek Pandey

Apr 27, 2026

Electric city buses unable to start operations in Katni

Electric city buses unable to start operations in Katni

कटनी. शहर में आधुनिक और प्रदूषण मुक्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था देने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा शुरू की गई दीनदयाल सिटी बस योजना अब प्रशासनिक लापरवाही का प्रतीक बनती जा रही है। बड़े दावों और घोषणाओं के साथ शुरू की गई इलेक्ट्रिक बस परियोजना दो साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। हालात यह हैं कि मंजूरी, टेंडर और सब्सिडी प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद बसें अब तक सडक़ों पर नहीं दौड़ पाईं।
जानकारी के अनुसार योजना के तहत चार इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना था, जिसमें दो बसें कटनी से जबलपुर और दो बसें कटनी से रीवा मार्ग पर चलनी थीं। इसके लिए शोलो बस दिल्ली को टेंडर दिया गया। 19 फरवरी 25 को टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई और 24 जुलाई 25 को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (एसएलटीसी) से स्वीकृति भी मिल गई। टेंडर हुए एक साल से भी अधिक का वक्त बीत गया, लेकिन अबतक बसों का संचालन शुरू नहीं हो पाया।

चार्जिंग स्टेशन बना सबसे बड़ी बाधा

इलेक्ट्रिक बस संचालन के लिए झिंझरी क्षेत्र में चार्जिंग स्टेशन बनाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 29 जुलाई 25 को एलओआई यानी दर स्वीकृति भी जारी कर दी गई थी, लेकिन उसके बाद निर्माण कार्य ठंडे बस्ते में चला गया। चार्जिंग स्टेशन का निर्माण शुरू नहीं होने से पूरी परियोजना अटक गई है। कांग्रेस नेता राजा जगवानी का कहना है कि जब सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं, तब निर्माण कार्य में देरी क्यों हुई। महत्वपूर्ण परियोजना की फाइलें महीनों से क्यों अटकी हुई हैं।

ऑपरेटर भी नहीं दे रहे ध्यान

बस संचालन करने वाली कंपनी को 18 लाख रुपए की परफॉर्मेंस गारंटी राशि जमा करनी थी। इसके बाद परियोजना पर आगे कार्रवाई होनी थी। अबतक प्रक्रिया पूरी न होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बता दें कि योजना में करीब 6 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस की लागत लगभग 1.50 करोड़ रुपए बताई गई है। साथ ही ऑपरेटर को प्रत्येक बस पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दी जानी है।

जनता को नहीं मिल पा रही सुविधा

कटनी शहर में बढ़ते प्रदूषण, यातायात दबाव और सार्वजनिक परिवहन की कमी के बीच इलेक्ट्रिक बस योजना लोगों के लिए राहत बन सकती थी। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण नागरिक अब भी बेहतर परिवहन सुविधा से वंचित हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर योजना लागू हो जाती तो लोगों को सस्ती, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा सुविधा मिलती। साथ ही शहर में प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में भी कमी आती।

इलेक्ट्रिक बसों के प्रमुख फायदे

  • पर्यावरण हितैषी और शून्य प्रदूषण वाली परिवहन व्यवस्था
  • यात्रियों को कम खर्च में यात्रा सुविधा
  • ध्वनि प्रदूषण में कमी
  • डीजल की खपत में कमी और ऊर्जा संरक्षण
  • आधुनिक, सुरक्षित और आरामदायक सफर

फैक्ट फाइल

04 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की योजना
02 बसें कटनी-जबलपुर मार्ग पर प्रस्तावित
02 बसें कटनी-रीवा मार्ग पर प्रस्तावित

  • 1.50 करोड़ रुपए प्रति बस लागत लगभग
  • 6 करोड़ रुपए कुल परियोजना लागत
  • 40 प्रतिशत ऑपरेटर को सब्सिडी का प्रावधान
  • 18 लाख रुपए परफॉर्मेंस गारंटी होनी है जमा

वर्जन

चार इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। टेंडर आदि आदि की प्रक्रिया हो गई है। चार्जिंग स्टेशन तैयार कराकर जून माह में बसों का संचालन शुरू कराया जाएगा, ताकि शहरवासियों को सुविधा का लाभ मिल सके।

तपस्या परिहार, आयुक्त नगर निगम।