
कटनी. जिलेभर के सभी मतदान केंद्र (बूथ) में जिले में मान्यता प्राप्त छह राजनैतिक दलों द्वारा बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की नियुक्ति कर 6 जुलाई तक कलेक्टर को सूची सौंपनी थी। जानकर ताज्जुब होगा कि जिले की राजनीति में सक्रिय दलों में सिर्फ कांग्रेस पार्टी की सूची ही जिला प्रशासन को मिली। भाजपा सहित पांच पार्टियों द्वारा बीएलए की सूची 31 जुलाई तक नहीं सौंपे जाने के बाद अपर कलेक्टर ने नोटिस जारी कर सूची की मांग की है।
बीएलए की सूची जमा करने का मुद्दा 31 जुलाई को कलेक्टर केवीएस चौधरी की अध्यक्षता में फोटो निर्वाचक नामावली विशेष संक्षिप्त पुरीक्षण (द्वितीय) का प्रारुप प्रकाशन की बैठक में छाया रहा। दूसरे राजनैतिक पार्टी के सदस्य भाजपा प्रतिनिधि पर इस मामले को लेकर तंज भी कसे।
बतादें कि 4 जुलाई को मध्यप्रदेश के संभागीय प्रवास कार्यक्रम में कटनी पहुंचे राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने संगठन के सभी पदाधिकारियों को बूथ पर फोकस करने का मंत्र दिया था। रीवा और शहडोल संभाग के सात जिलों की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री ने विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति में प्रत्येक बूथ पर दस कार्यकर्ताओं की स्पेशल टीम बनाने की सलाह के साथ ही एक्टिव करने की बात कही थी।
इधर, सात माह में घट गए 26 हजार मतदाता
जिलेभर में सात माह में 26 हजार से ज्यादा मतदाता घट गए। जनवरी 2018 में जारी मतदाता सूची में जिले में 8 लाख 84 हजार 960 मतदाता थे। 31 जुलाई को जारी सूची में 8 लाख 58 हजार 622 मतदाता हैं। सर्वाधित मतदाता मुड़वारा कटनी विधानसभा में कम हुए हैं। जानकारों कहना है कि यहां कांग्रेस पार्टी के एक्टिव बीएलए द्वारा ज्यादा आपत्ति दर्ज करने के कारण अपात्र नाम ज्यादा काटे गए। सबसे ज्यादा कटनी विधानसभा में 13083 मतदाताओं के नाम काटे गए। जिले के अन्य विधानसभा में बहोरीबंद में 8060, विजयराघवगढ़ में 4461 व बड़वारा में 734 मतदाता के नाम कटे।
- हमने जिले की सभी बूथवार बीएलए की सूची बनवाई थी। पता नहीं कैसे जमा नहीं हो पाया।
पीतांबर टोपनानी जिलाध्यक्ष भाजपा
- मतदाता सूची पुनरीक्षण में बीएलए की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। 6 जुलाई तक जिले में मान्यता प्राप्त 6 राजनैतिक दलों को सूची जमा करनी थी। 31 जुलाई तक कांग्रेस की सूची मिली है। भाजपा, समाजवादी पार्टी, कम्यूनिस्ट पार्टी, एनसीपी और बसपा को सूची जमा करने पत्र दिया है।
आर उमा माहेश्वरी अपर कलेक्टर कटनी