कटनी

हुआ बस एक क्लिक और सैकड़ों किसानों को मिल गए लाखों रुपए, जानिये कैसे

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत जिला स्तरीय किसान सम्मेलन आयोजित
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Updated: 17 Apr 2018, 4:20 PM IST
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Bonus to farmers distributed in Kisan Sammelan

कटनी. मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत सोमवार को जिलास्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। पहरुआ स्थित कृषि उपज मण्डी में आयोजित जिलास्तरीय किसान सम्मेलन में जिले के किसान शामिल हुए। सम्मेलन का शुभारंभ संसदीय क्षेत्र खजुराहो से सांसद नागेन्द्र सिंह व मुड़वारा विधायक संदीप जायसवाल सहित अन्य अतिथियों ने भगवान बलराम की पूजा के साथ किया। किसान सम्मेलन में उपस्थित किसानों को राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन का सीधा प्रसारण दिखाया गया। सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शाजापुर से दिए गए भाषण का सीधा प्रसारण दिखाया गया। सम्मेलन के माध्यम से विगत वर्ष चयनित फसलों का उपार्जन करने वाले किसानों के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भी वितरित की गई। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत राज्यस्तरीय किसान सम्मेलन में एक क्लिक कर जिले के 1253 किसानों के खातों में भी प्रति क्विंटल 200 रुपये के मान से 2 करोड़ 42 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि भेजी गई। इस दौरान सांसद नागेन्द्र सिंह किसानों को संबोधित किया। सम्मेलन में कलेक्टर केवीएस चौधरी ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के विषय में जानकारी भी दी। कार्यक्रम प्रदेश समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष पद्मा शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष व जिला योजना समिति सदस्य पीताम्बर टोपनानी, सुभाष पटेल, माया पटेल, डीडीएस एके राठौर, मंडी सचिव पीयूष शर्मा सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी मौजूद व किसान मौजूद रहे।

पैर के नीचे दबी थीं किसानों के लिए बनने वाली सब्जी की भिंड़ी, खुले में सूख रहीं थी पूड़ी
कटनी. किसान सम्मेलन में पहुंचे किसानों के लिए कृषि विभाग द्वारा खाने के पैकेट की व्यवस्था की गई थी। सम्मेलन में पहुंचे किसानों को भी बेसब्री से भोजन का इंतजार था। लेकिन ठेकेदार विपिन बिलौंहा द्वारा सफाई का बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। सब्जी-पूड़ी गंदगी के बीच बनवाई गई। किसानों के लिए बन रही भिंडी की सब्जी कर्मचारी चप्पल पहने हुए पैरों के नीचे रखकर काट रहे थे। इसके बाद फिर उसे धुला तक नहीं गया। इससे भी खराब हालत पूड़ी की रही। टेंट में बिछाई जाने वाली दरी में खुले में पूडिय़ा रखीं गई थीं। ठेकेदार द्वारा समय पर पैकेट भी नहीं तैयार किए गए, वितरण के समय किसान परेशान रहे।
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नियमों की उड़ी धज्जियां, अनजान बने रहे जिम्मेदार
घरेलू सिलेंडर (लाल सिलेंडर) का व्यवसायिक उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। इस पर उपयोग करते पाए जाने पर खाद्य विभाग सहित पुलिस व अन्य विभाग कार्यवाही करते हैं, लेकिन सरकारी कार्यक्रम में ही नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गईं। कृषि उपज मंडी पहरुआ में किसान सम्मेलन के दौरान किसानों को भोजन कराने के लिए खुलेआम लाल सिलेंडर का उपयोग कर नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। कार्यक्रम में खाद्य अधिकारी से लेकर कलेक्टर तक मौजूद रहे, लेकिन सभी जानकर भी अनजान बने रहे।

कैसे हो गया लाल पता नहीं
किसान सम्मेलन के एक दिन पहले मैंने निरीक्षण किया था। व्यवस्था संबंधी सभी निर्देश दिए थे। निरीक्षण के दौरान ठेकेदार के पास कॉमर्शियल सिलेंडर थे, पता नहीं फिर कैसे वे लाल हो गए। खाना भी इस बार बढिय़ा बना था। फिर भी ऐसी गड़बड़ी हुई है तो मामले की जांच कराएंगे।
एके राठौर, उपसंचालक कृषि।

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