कटनी नदी में आदर्श कालोनी से मुक्तिधाम नदीपार के लिए बन रहा है पुल, जाम से राहत देने वाला पुल खुद जमीनी अड़चन में फंसा, जून 2025 में पूरा होना है निर्माण, जमीन अधिग्रहण न होने से बंद पड़ा कार्य
कटनी. शहर की एक बड़ी यातायात समस्या का समाधान बनने वाला कटनी नदी पर निर्माणाधीन पुल पिछले चार माह से बनकर तैयार होने के बावजूद उपयोग में नहीं आ पा रहा है। आदर्श कॉलोनी से मुक्तिधाम नदीपार को जोडऩे के लिए बनाए जा रहे इस पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड के लिए जमीन उपलब्ध न होने के कारण पूरा प्रोजेक्ट अधर में लटक गया है। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर उपजा विवाद अब तक सुलझ नहीं पाया, जिससे जनता को राहत मिलने में लगातार देरी हो रही है।
जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग द्वारा करीब 852.45 लाख रुपए की लागत से कटनी नदी पर यह नया पुल बनाया जा रहा है। लगभग 60 मीटर लंबा यह जलमग्नीय पुल है, जो बारिश के मौसम में पानी में डूब जाएगा, लेकिन शेष समय आवागमन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। वर्ष 2024 में शुरू हुए इस पुल का निर्माण कार्य जून 2025 तक पूरा होना था। तय समयसीमा के भीतर पुल का ढांचा, पियर और पाइलिंग का काम पूरा कर लिया गया, लेकिन एप्रोच रोड के अभाव में पुल पर आवागमन शुरू नहीं हो सका।
जानकारी के अनुसार नदी के दोनों किनारों पर निजी भूमिस्वामियों की जमीन होने के कारण एप्रोच रोड निर्माण में अड़चन आ रही है। निर्माण कार्य शुरू होने से पहले नियमानुसार भूमि अधिग्रहण नहीं किया गया, जिसके चलते अब जमीन मालिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इसी विवाद के चलते कुछ माह पूर्व में स्थानीय लोगों ने सेतु निगम के अधिकारियों और ठेकेदार को मशीनों के प्रवेश से भी रोक दिया था, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।
करीब छह माह पूर्व सेतु निगम के अफसरों द्वारा इस समस्या को लेकर एसडीएम को पत्र लिखकर भूमि की नापजोख और अधिग्रहण प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने कहा गया था, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी नहीं हुई तो पुल का लाभ मिलने में और देरी हो सकती है, जबकि यह पुल हजारों लोगों के लिए सीधा और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराने वाला है।
सेतु विभाग द्वारा जारी ठेका शर्तों के अनुसार निर्माण एजेंसी को 7 जून 2025 तक पुल निर्माण का कार्य पूरा करना था। तकनीकी रूप से पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन एप्रोच रोड के अभाव में इसे अधूरा ही माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जब तक भूमि उपलब्ध नहीं होगी, तब तक आगे का काम संभव नहीं है।
जानकारी के अनुसार किसी भी निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार की जाती है। इस पुल के निर्माण के समय भी यही हुआ। अफसरों को यह पहले से पता था कि यहां एप्रोच रोड बनाने के लिए निजी भूमि का अधिग्रहण करना होगा लेकिन अफसरों ने समयसीमा में यह प्रक्रिया पूरी नहीं कराई। इसी बीच जनप्रतिनिधि ने पुल से सटकर एक अन्य सडक़ के निर्माण की मांग भी कर दी, जिसके चलते एप्रोच रोड सहित अन्य सडक़ में पेंच फंस गया है।
यह पुल शुरू होने के बाद शहरवासियों को यातायात के लिहाज से बड़ी राहत मिलने वाली है। पुल के चालू होने से शहर से बस स्टैंड की ओर जाने वाले लोगों की दूरी एक किलोमीटर तक कम हो जाएगी। वर्तमान में घंटाघर, जगन्नाथ चौक जैसे व्यस्त इलाकों से होकर जाना पड़ता है, जहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है। नया पुल चालू होने से जाम से निजात मिलेगी और समय की भी बचत होगी।
अंतिम यात्रा के लिए भी यह पुल महत्वपूर्ण साबित होगा। मुक्तिधाम जाने वालों को अब शहर के भीड़भाड़ वाले मार्गों से नहीं गुजरना पड़ेगा। एनकेजे, दुबे कॉलोनी, राहुल बाग, रबर फैक्ट्री रोड, शास्त्री कॉलोनी, नई बस्ती, हीरागंज और गर्ग चौराहा क्षेत्र के लोग सीधे इस पुल के माध्यम से बस स्टैंड और अन्य क्षेत्रों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
कटनी नदी पर पुल निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। आदर्श कालोनी की ओर एप्रोच मार्ग निर्माण को लेकर भूअर्जन किया जाना है। भूअर्जन को लेकर संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। जल्द ही सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर पुल निर्माण पूरा कराएंगे।