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प्रभारी मंत्री ने कहा: आमजन को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य, कांग्रेस का गम्भीर आरोप

कुठला में 1.39 करोड़ की लागत से बनेगा नवीन हाइस्कूल भवन, प्रभारी मंत्री ने लोगों से किया संवाद

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कटनी

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Balmeek Pandey

Jan 11, 2026

Bjp

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कटनी. हर परिवार को समय पर शुद्ध पेयजल और पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्पष्ट लक्ष्य है कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं समय पर मिलें। यह बात प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने शनिवार को कही। वे कटनी शहर के लाल बहादुर शास्त्री वार्ड कुठला में 1 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से बनने वाले नवीन हाइस्कूल भवन की सौगात के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहीं।
प्रभारी मंत्री सिंह ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित नागरिकों से साफ पानी और बिजली की उपलब्धता को लेकर संवाद किया। लोगों द्वारा सकारात्मक जवाब दिए जाने पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना के माध्यम से और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि बिजली अथवा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना तत्काल प्रशासन को दें, ताकि उसका शीघ्र निराकरण किया जा सके।

नवीन स्कूल भवन के लिए बच्चों को दी बधाई

प्रभारी मंत्री सिंह ने कहा कि मैं बच्चों को बधाई देता हूं कि आपके लिए नया स्कूल भवन बनने जा रहा है, जो 1 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से आगामी 12 महीनों में बनकर तैयार होगा। यह भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। उन्होंने कहा कि इस स्कूल भवन के लिए विधायक संदीप जायसवाल द्वारा लगातार प्रयास किए गए हैं। नए भवन में डिजिटल बोर्ड, प्रयोगशाला, पुस्तकालय सहित सभी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 23 जनवरी को कटनी भ्रमण संभावित है, इस दौरान वे स्वयं कुठला आकर स्कूल भवन का भूमि पूजन करेंगे। इस दौरान विधायक संदीप जायसवाल ने बताया कि कुठला में बनने वाला नवीन हाइस्कूल भवन जी+1 तर्ज पर डबल मंजिला होगा। इसमें पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष, प्राचार्य कक्ष, लॉबी कॉरिडोर, बालक-बालिका एवं दिव्यांगों के लिए प्रसाधन, सीढिय़ां और रैम्प शामिल होंगे। संपूर्ण निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की निगरानी में कराया जाएगा।

अप्रेल में ही मिलेंगी साइकिल व पाठ्यपुस्तकें

प्रभारी मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी छात्रों को समय पर सुविधाएं दी जाएंगी। अप्रेल के पहले सप्ताह में ही स्कूली विद्यार्थियों को साइकिल, पाठ्यपुस्तकें और छात्रवृत्ति का वितरण कर दिया जाएगा, ताकि वे जुलाई माह से पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें। उन्होंने कहा कि इस स्कूल के बन जाने के बाद यहां छात्रों को वही सुविधाएं मिलेंगी, जो शहर के किसी अच्छे निजी स्कूल में उपलब्ध होती हैं। प्रभारी मंत्री सिंह ने विधायक और पार्षदों से कहा कि वे सजगता के साथ अपने-अपने वार्ड और शहर की समस्याओं पर नजर रखें और कहीं भी कोई दिक्कत दिखाई दे तो तत्काल प्रशासन को अवगत कराएं।

‘जी राम जी योजना’ पर कहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती

प्रभारी मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने बीजेपी कार्यालय में पीसी के दौरान कहा कि जीरामजी योजना ग्रामीण विकास की दिशा में एक दूरदर्शी और कारगर पहल है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा। योजना के तहत मजदूरों की मजदूरी महंगाई सूचकांक के अनुरूप बढ़ाई जाएगी, जिससे श्रमिकों की आय सुरक्षित रहेगी और किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा। जी राम जी योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों तक वैधानिक रोजगार की गारंटी मिलेगी। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि पंचायतों की भूमिका भी और अधिक सशक्त होगी। योजना निर्माण की शक्ति ग्राम सभा और पंचायतों के पास रहेगी, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी।इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सोनी टंडन, विधायक संदीप जायसवाल, प्रणय पांडे, धीरेंद्र सिंह, महापौर प्रीति सूरी, निगमाध्यक्ष मनीष पाठक, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य पीताम्बर टोपनानी आदि मौजूद रहै। मंत्री ने कहा कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार नीति में एक ऐतिहासिक परिवर्तन है। इसके माध्यम से मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिनों तक की गई है। यह योजना सशक्तिकरण, समावेशी विकास, कन्वर्जेंस और सेचूरेशन जैसे सिद्धांतों पर आधारित है। सिंह ने बताया कि बुवाई और कटाई के चरम समय में कृषि श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को एक वित्तीय वर्ष में 60 दिनों की समेकित विराम अवधि अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है। इसके बावजूद श्रमिकों का 125 दिनों का रोजगार अधिकार बना रहेगा। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन एवं प्रतिकूल मौसमीय प्रभावों को कम करने वाले कार्यों से जुड़े रोजगार उपलब्ध कराए जाएंगे। राव उदयप्रताप सिंह ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल योजना के नाम को लेकर भ्रम फैला रहे हैं, जबकि यह योजना पूरी तरह पारदर्शी और श्रमिक हितैषी है।

मनरेगा सिर्फ नाम नहीं, अधिकार छीने जाने की साजिश:कांग्रेस

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस ने तीखा विरोध दर्ज कराया है। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह प्रभारी चंदन यादव ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि मनरेगा की योजनाबद्ध हत्या है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस सरकार के इस कदम का सडक़ से लेकर संसद तक पुरजोर विरोध करेगी। यादव ने कहा, आज बात सिर्फ मनरेगा के नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह काम के अधिकार को छीने जाने का मामला है। सरकार उस अधिकार को खत्म करने की दिशा में बढ़ रही है, जिसे कांग्रेस ने गरीबों और मजदूरों को दिया था। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक सौरभ सिंह ने कहा कि यह भाजपा-आरएसएस की मनरेगा को खत्म करने की साजिश है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अमित शुक्ला ने कहा कि भाजपा की अहंकारी सत्ता द्वारा लिया गया कोई भी गरीब और मजदूर विरोधी निर्णय कांग्रेस को स्वीकार नहीं होगा। मनरेगा के खिलाफ किसी भी प्रावधान का कांग्रेस पूरी ताकत से विरोध करेगी। महिला कांग्रेस अध्यक्ष रजनी वर्मा ने कहा कि यह सिर्फ महात्मा गांधी जी के नाम का मुद्दा नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के अधिकारों से जुड़ा सवाल है।