
कटनी। पल-पल बदलते मौसम के मिजाज ने लोगों की सेहत को बिगाडकऱ रख दिया। रविवार को छुट्टी का दिन होने के बाद सोमवार को जिला अस्पताल की जनरल ओपीडी में मरीजों का रेला दिखा। सामान्य दिनों की अपेक्षा बड़ी मात्रा में मरीज उपचार के लिए पहुंचे।
सोमवार सुबह से ही अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग गई थी। जिला अस्पताल के मुख्य गेट से लेकर आकस्मिक चिकित्सा कक्ष, पंजीयन काउंटर, चिकित्सकों की ओपीडी और दवा वितरण केंद्र में सबसे ज्यादा भीड़ रही। बता दें कि एक सप्ताह में 5 हजार 265 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। सोमवार को जिला अस्पताल में सर्वाधिक मरीज 1166 को उपचार मिला। एक सप्ताह में 637 मरीज भर्ती किए गए हैं। चिकित्सक मरीजों की बढ़ती संख्या को कोरोना वायरस की दशहत भी मान रहे हैं। सर्दी, खांसी, जुकाम और वायरल फीवर के मरीज पहुंचे। कोरोना को लेकर हर पल जारी हो रहे अलर्ट को लेकर लोग जरा सी तबियत बिगडऩे पर अस्पताल पहुंच रहे हैं। हालांकि चिकित्सक हर व्यक्ति को भीड़ में जाने से मना कर रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. एसके शर्मा ने कहा कि मामूली सर्दी, खासी, जुकाम होने पर भी मरीज आ रहे हैं। अस्पताल में भीड़ का दबाव ज्यादा है। भीड़ एकत्रित नहीं होना चाहिए। मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। रजिस्ट्रेशन, ओपीडी, दवा वितरण, वार्डों में भीड़ अधिक हो रही है। छींकते समय मुह में हाथ अवश्य रखें। बुखार, सर्दी, खासी, बलगम हो, सांस फूलने की समस्या हो तो चिकित्सक हो अवश्य दिखाएं। वायरल फीवर होने पर उपचार कराएं। नोवल कोरोना को लेकर अफवाह न फैलाएं, भ्रमित न हों व सावधानी अवश्य रखें। सांस फूलने में दिक्कत हो, बुखार हो, खांसी व बलगम हो तो विशेष निगरानी की जाती है। जागरुकता ही बचाव है। मॉस्क लगाएं, हाथ न मिलाएं, खाना खाने के पहले हाथ अवश्य धुलें, ठंडा सेवन से परहेज करना आवश्यक है।