Councillor resigns from MIC
कटनी. नगर निगम मेयर इन काउंसिल सदस्य व पार्षद शशिकांत तिवारी द्वारा एमआइसी से इस्तीफा दिए जाने से नगर सरकार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक ओर जहां पार्षद ने एमआइसी में उनकी आवाज को दबाने का आरोप मढ़ा है तो वहीं महापौर ने भी परिषद की बैठक में अनुशासनहीनता की बात कहते हुए पार्षद को एमआइसी से मुक्त कर दिया है। मंगलवार को पार्षद व महापौर के पत्र चर्चाओं में रहे। पार्षद शशिकांत तिवारी ने इस्तीफे का पत्र महापौर प्रीति सूरी को सौंपा है। नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक को सूचना पत्र सौंपा है।
पंडित जवाहरलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 28 से पार्षद व मेयर इन काउंसिल सदस्य शशिकांत तिवारी ने महापौर प्रीति सूरी को पत्र जारी कर कहा कि 8 नवंबर को आयोजित एमआइसी की बैठक के अन्य विषय प्रस्ताव क्रमांक 2 में आउटसोर्स श्रमिकों को नियोजन किए जाने में एवं पूर्व में भी मेरे द्वारा आपत्ति किए जाने के विचार को कार्रवाई विवरण में लिपिबद्ध नहीं किए जाने से मेरी आवाज को दबाने एवं नगर विकास के कार्य अवरुद्ध करने के कारण मेयर-इन-काउंसिल सदस्य से मुझे मुक्त किया जाए। बताया जा रहा है कि एमआइसी के मिनट्स का परिषद की बैठक में विरोध करना इनको भारी पड़ गया है।
महापौर का जारी हुआ यह पत्र
पार्षद शशिकांत तिवारी का दोपहर में इस्तीफे की खबर व पत्र जारी होने के कुछ घंटे बाद महापौर का पत्र वायरल हुआ। पत्र क्रमांक 45 पार्षद शशिकांत तिवारी को जारी करते हुए कहा गया कि उपरोक्त विषयांतर्गत विचारोपरांत आपको मेयर-इन-काउंसिल के सदस्य के रूप में मुक्त किया जाता है। इसकी सूचना नगर निगम अध्यक्ष व आयुक्त को भी महापौर ने भेजी है।
वर्जन
मेरा इसी बात का तो विरोध है कि जिसमें हमारी आपत्ति है उसे नहीं सुना जा रहा, एमआइसी में हमने जो न्यायसंगत बात रखी, उसपर सुनवाई नहीं हुई, इसलिए मेयर इन काउंसिल से इस्तीफा दिया है।
शशिकांत तिवारी, पार्षद।
वर्जन
पुरानी बात को एक माह बाद परिषद की बैठक में उठाना व एमआइसी के मिनिट्स पर आपत्ति दर्ज करना अनुशासनहीनता है। इसलिए पार्षद शशिकांत तिवारी को 9 दिसंबर को एमआइसी से मुक्त कर दिया गया है। पत्र एक दिन पहले ही जारी हो गया था, 10 दिसंबर को डिस्पैच हुआ है।
प्रीति सूरी, महापौर।