कटनी

मौत की खदानें: लापरवाही निगल रही बेगुनाहों की जिंदगियां, जिलेभर में सुरक्षा से खिलवाड़

खामियां से घिरी हैं खदानें, नहीं हो रहा था मानकों का पालन, जिले में संचालित हैं 350 मुख्य व गौड़ खनिज खदानें, खनिज विभाग, राजस्व अमला, प्रशासन व खनन सुरक्षा महानिदेशालय नहीं दे रहा ध्यान

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Apr 29, 2026
Deaths occurring in open-pit mines

बालमीक पांडेय @ कटनी. बाकल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम साडा में एक दर्दनाक हादसे में मौसी और भतीजी की खदान में डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब दोनों गांव में आयोजित विवाह समारोह में शामिल होने आई थीं। हादसे के बाद शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। बाकल थाना प्रभारी दिनेश तिवारी ने बताया कि ग्राम पटना निवासी 12 वर्षीय सिमरन उर्फ माही पिता नंद कुमार यादव अपनी मौसी के घर ग्राम साडा में विवाह समारोह में शामिल होने आई थी। सोमवार सुबह करीब 11 बजे सिमरन अपनी मौसी अनुतिया यादव पति अम्मी यादव (40) के साथ गांव के श्मशान घाट के पास स्थित एक छोटी खदान में नहाने गई थी।
बताया जा रहा है कि नहाते समय सिमरन का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूबने लगी। भतीजी को बचाने के लिए मौसी अनुतिया तुरंत पानी में कूद गईं, लेकिन खदान की गहराई अधिक होने के कारण दोनों खुद को नहीं बचा सकीं और डूब गईं। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर बाकल थाना पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकलवाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहोरीबंद भिजवाया गया। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने दोनों शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिए। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जिस घर में शादी की तैयारियां और मंगल गीत गूंज रहे थे, वहां अब रोने-बिलखने की आवाजें सुनाई दे रही हैं।

इस घटना ने फिर खोली पोल

बाकल थाना क्षेत्र के ग्राम साडा में तलैयानुमा खदान में एक किशोरी व महिला की डूबने से हुई मौत ने खदानों, तालाबों व तलैयों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में 50 से अधिक रेत की खदानें हैं, लगभग 350 मुख्य व गौड़ खनिज की खदानें संचालित हो रही हैं। इनमें से सरकार को अरबों रुपए का राजस्व तो प्राप्त होता ही है साथ ही खनन कारोबारी मनमाना खनन कर मालामाल हो रहे हैं। इन खदानों में से दर्जनों खदानें ऐसी हैं जो ‘मौत की खदानें’ बन गई हैं। कागजों में भले ही रेत का ठेका नहीं हुआ, लेकिन खनन बदस्तूर जारी है। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि हाल के कुछ माह में आधा दर्जन से अधिक हादसे हुए हैं, जिनमें कई लोगों की मौत हो गई है, इनमें बड़े व बच्चे शामिल हैं। असुरक्षित खदानें होने के कारण बच्चे खेलते हुए खदानों तक पहुंचे और मौत के गाल में समां जाते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जिले में संचालित होने वाली खदानों में सुरक्षा मापदंडों का पालन कराने के लिए खनिज विभाग बेसुध है। हर क्षेत्र में खनिज निरीक्षकों को मानकों का पालन कराना हैं, जिला खनिज अधिकारी द्वारा सभी की निगरानी करना है, इसके बाद भी सुरक्षा उपाय खदानों में नहीं हैं, जो बेगुनाहों की मौत का कारण बन रही हैं। पूर्व में खदानों को सुरक्षित करने के लिए सर्वेक्षण कराया गया था, लेकिन कई खदानों को सुरक्षित नहीं कराया गया। सोमवार को फिर बाकल थाना क्षेत्र के साडा में हादसा हुआ, जिसमें एक किशोरी व महिला काल कलवित हो गई।

दर्जनों खदानों में है कमी

जिले के कटनी, बड़वारा, ढीमरखेड़ा, बहोरीबंद, रीठी, विजयराघवगढ़ आदि क्षेत्र में लाइम स्टोन, फायर क्ले, डोलामाइट, बाक्साइड, लेटराइट, फरसी पत्थर, मुरम, गिट्टी, मार्बल व रेत खदानें संचालित हैं। जांच में कमी पाए जाने पर नोटिस देकर मामले को विभाग रफा-दफा कर देता है, फेंसिंग कराने की कोई जहमत नहीं उठाई जाती। कारोबारी सिर्फ अपनी जेब भरने में लगे हैं, लोगों की सुरक्षा से कोई मतलब नहीं है। शहर से लेकर गांव-गांव तक खदानें खुली पड़ी हैं, लेकिन जिम्मेदारों को कोई सरोकार नहीं है।

यह हैं नियम

खदान आवंटन के बाद खनन करने के दौरान व काम पूरा हो जाने के बाद खदान को सुरक्षित कराना होता है। संचालक को चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य है कि यहां पर पानी भराव क्षेत्र है व दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। जो खदानें खत्म हो चुकी हैं भारतीय खान ब्यूरो से अनुमति लेकर जहां से मिनरल निकल गया है उसका पुन: भराव कराना होता हैं, या फिर जल संरक्षण के रूप में बंड आदि तैयार कर संरक्षित करने के निर्देश हैं।

हाल ही में हो चुके हैं ये हादसे

खदान में डूबा था युवक
केस 01

23 सितंबर 25 को रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदी की दफाई के पास खुली खदान में डूबने से नसीम उर्फ बट्टा की नहाते समय डूबने से मौत हो गई है। क्षेत्र में कई कई खदानें मौत को दावत दे रहीं हैं, लेकिन नगर निगम, खनिज विभाग, प्रशासन सुरक्षित नहीं करा रहा।

केस 02
खदान में समा गया था वृद्ध

रंगनाथनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत 12 जून 25 को खदान में डूबने से भट्टा मोहल्ला में लक्ष्मन मलिक पिता गोकुल मलिक (65) की मौत हो गई चुकी है। यह खदान भी असुरक्षित है, जिसके कारण हादसा हुआ।

केस 03
खदान में खत्म हुए थे दो बच्चे

रीठी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत डांग अंतर्गत आने वाले परेवागार मोहल्ला मे 9 मई 24 को दो मासूम बच्चो खदान में डूबने से मौत हो गई थी। मोहित शाह पिता सलमान शाह (2) नोहित शाह पिता सलमान शाह परेवा की मौत हो चुकी है।

इन घटनाओं में भी झंकझोरा
केस 04
दो मासूमों की मौत

बड़वारा थाना क्षेत्र के गुड़ा जमुनिया निवासी बलवीर सिंह खेत में रोपा लगाने गए थे। वे दो बेटों बादल (7) और अरमान (4) को साथ ले गए थे। वे खेत पर काम कर रहे थे और बच्चे वहीं खेल रहे थे। इसी बीच खेत के समीप खदान एरिया में खुदे गड्ढे में डूबने से दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। बच्चों की मौत के मामले में माइनिंग विभाग ने भी प्रथम दृष्टया अनुज्ञप्तियों की शर्तों का उल्लंघन पाया था। सुरक्षा उपाय न होने से बच्चों की मौत का जिक्र करते हुए मेसर्स डिवाइन माइंस एण्ड मिनरल्स के सुमंत गोस्वामी और भागीदार आनंद ताम्रकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा था। इस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

दो बच्चों को खदान ने निगला
केस 05

बिलहरी चौकी क्षेत्र के ग्राम करहिया-मतवारी स्थित मुरम खदान में कुलदीप पिता रवि सनोढिया(8) व आनंद पिता दलबहादुर वसुदेवा (10) निवासी नहाने गए थे। दोनों की डूबने से दोनों की मौत हो गई थी। खनिज विभाग ने जांच में खदान में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होना पाया और ठेकेदार को नोटिस जारी किया था, लेकिन आज भी खदान असुरक्षित है।

असुरक्षित खदान बनी मौत का कारण
केस 06

कुठला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के समीप खुली खदान में डूबने से सात साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद से परिजनों में मातम का माहौल रहा। अंश निषाद पिता अमृत निषाद (7) निवासी इद्रानगर बाइपास के पास खदान में दोस्तों के साथ नहाने गया था। खुली खदान में नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने से मासूम बच्चे की मौत हो गई थी।

मार्बल खदान में हादसा
केस 07

बहोरीबंद क्षेत्र में भी दर्जनों खदानें असुरक्षित पड़ी हैं, जिनमें सुरक्षा उपायों का पालन नहीं हो रहा। स्लीमनाबाद थाना अंतर्गत ग्राम कनौजा में 16 अक्टूबर 23 को गंभीर हादसा हो चुका है। सागर पिता प्रेम सिंह (11) व सागर पिता लखपति सिंह (10) बनहरी निवासी की मार्बल खदान में डूबने से मौत हो गई थी।

तालाब में डूबा बच्चा
केस 08

विजयराघवगढ़ थाना क्षेत्र के देवराकलां में 6 साल के बच्चे की तालाब में डूबने से हो चुकी है मौत, यहां भी सुरक्षा में चूक सामने आई। शहर से लेकर गांवों के जल स्रोत असुरक्षित हैं, जिनमें हादसे हो रहे हैं।

वर्जन

बाकल थाना क्षेत्र में हुई घटना गंभीर है। इसकी जांच कराई जाएगी। जिले की जो भी खदानें असुरक्षित हैं उनको सुरक्षित कराया जाएगा। खनिज विभाग को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा। लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए जागरूक कराया जाएगा।

आशीष तिवारी, कलेक्टर।

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Published on:
29 Apr 2026 09:04 pm
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