एनकेजे-मुड़वारा ट्रैक बहाल, लेकिन कटनी साउथ रूट देररात तक रहा बंद, जंक्शन पर रहा ट्रेनों का डायवर्जन, यात्रियों को हुई भारी परेशानी
कटनी. कटनी रेलवे स्टेशन के समीप शनिवार को हुई मालगाड़ी दुर्घटना का असर दूसरे दिन रविवार को भी रेल यातायात पर दिखाई दिया। हादसे के करीब 36 घंटे बाद भी ट्रैक पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका, जिसके चलते रेलवे को कई ट्रेनों के रूट बदलने पड़े। रेलवे की तकनीकी टीम लगातार मौके पर डटी रही और दूसरे दिन भी युद्धस्तर पर ट्रैक सुधार का कार्य जारी रहा। हालांकि एनकेजे (न्यू कटनी जंक्शन) से मुड़वारा के बीच डाउन ट्रैक को शनिवार देर रात बहाल कर दिया गया था, जबकि अप ट्रैक रविवार सुबह करीब आठ बजे चालू किया गया। इसके बावजूद एनकेजे से कटनी साउथ स्टेशन के बीच ट्रैक देररात तक बंद रहा, जिसके कारण रेल संचालन पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट सका। कटनी जंक्शन जबलपुर रेल मंडल का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, जहां से पांच अलग-अलग दिशाओं में रेल मार्ग निकलते हैं। ऐसे में यहां हुई किसी भी दुर्घटना का असर दूर-दराज के रूटों तक पड़ता है। इस हादसे के कारण भी कई ट्रेनों को डायवर्ट करना पड़ा और कई ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
हादसे का सबसे अधिक असर कटनी साउथ रेलवे स्टेशन पर पड़ा। पिछले दो दिनों से यहां एक भी यात्री ट्रेन नहीं पहुंच सकी है। साउथ स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों को एनकेजे से सीधे कटनी रेलवे स्टेशन लाया जा रहा है। यहां इंजन बदलने के बाद ट्रेनों को बिलासपुर और जबलपुर की दिशा में रवाना किया जा रहा है। इस व्यवस्था के कारण ट्रेनों का संचालन धीमा हो गया है और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्रियों को ट्रेन के प्लेटफॉर्म बदलने की जानकारी भी समय पर नहीं मिल पाई, जिससे वे घंटों इंतजार करते रहे।
बिलासपुर की ओर से आने वाली कई यात्री ट्रेनों को मुड़वारा स्टेशन से सीधे ग्रेड सेपरेटर के जरिए बीना रूट के हरदुआ स्टेशन की ओर डायवर्ट किया गया। इसके कारण यात्रियों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। एनकेजे-मुड़वारा रूट रातभर बंद रहने के कारण यहां यात्रा करने वाले यात्रियों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई ट्रेनें हरदुआ स्टेशन पर रोकी गईं, जिससे यात्रियों को मुड़वारा स्टेशन से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित हरदुआ तक पहुंचना पड़ा। रात के समय यह दूरी तय करना कई यात्रियों के लिए मुश्किल साबित हुआ।
कटनी साउथ स्टेशन पर यात्रियों को सबसे अधिक भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ा। कई यात्री साउथ स्टेशन पर अपनी ट्रेन का इंतजार करते रहे। बाद में उद्घोषणा के जरिए उन्हें बताया गया कि ट्रेन साउथ स्टेशन के बजाय कटनी रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। इस जानकारी के बाद यात्रियों को आनन-फानन में कटनी स्टेशन की ओर जाना पड़ा। अचानक बदली व्यवस्था के कारण बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।
दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल सुधार कार्य शुरू कर दिया था। जबलपुर रेल मंडल के डीआरएम कमलकुमार तलरेजा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी रातभर रम्मत कार्य की निगरानी करते रहे। रेलवे के इंजीनियरिंग और ट्रैक मेंटेनेंस विभाग की टीमों ने पहले दुर्घटनाग्रस्त मालगाड़ी के डिब्बों को हटाया। इसके बाद ट्रैक पर बिखरे कोयले को साफ किया गया और क्षतिग्रस्त स्लीपर व पटरियों को हटाकर नई सामग्री लगाई जा रही है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार हादसे में ट्रैक के कई स्लीपर और पटरियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसके कारण मरम्मत कार्य में अधिक समय लग रहा है। तकनीकी टीम पूरी सावधानी के साथ ट्रैक को दोबारा व्यवस्थित करने में लगी हुई है ताकि संचालन शुरू होने के बाद किसी तरह का खतरा न रहे।
एनकेजे-मुड़वारा रूट पर डाउन ट्रैक शनिवार रात को ही चालू कर दिया गया था, लेकिन अप ट्रैक रविवार सुबह करीब आठ बजे शुरू हुआ। इस ट्रैक से सबसे पहले गाड़ी संख्या 22167 हजरत निजामुद्दीन-ऊर्जाधानी एक्सप्रेस को निकाला गया। ट्रेन के सुरक्षित गुजरने के बाद रेलवे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य ट्रेनों को भी इस रूट से निकाला जाने लगा।
गाड़ी संख्या 20807 हीराकुंड एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 18477 कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 18236बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 22830 शालिमार-भुज सुपरफास्ट एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 12853 दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 11202 शहडोल-नागपुर एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 11652 सिंगरौली-जबलपुर इंटरसिटी
गाड़ी संख्या 11651 जबलपुर-सिंगरौली इंटरसिटी
गाड़ी संख्या 11448 शक्तिपुंज एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 11266 अंबिकापुर-जबलपुर एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 11265 जबलपुर-अंबिकापुर एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 11201 नागपुर-शहडोल एक्सप्रेस
गाड़ी संख्या 18234 बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस
कटनी जंक्शन जबलपुर रेल मंडल का प्रमुख जंक्शन है और यहां से देश के कई बड़े शहरों के लिए ट्रेनें गुजरती हैं। इसके बावजूद पिछले एक वर्ष में इस रूट पर यह चौथा रेल हादसा सामने आया है। हर दुर्घटना के बाद रेलवे जांच की बात जरूर करता है, लेकिन अक्सर यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि हादसे की असली वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए। लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैक मेंटेनेंस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रैक और सिग्नल व्यवस्था की नियमित जांच और मरम्मत की जाए तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।