आईसीयू वार्ड में खराब पड़े वेंटीलेटर, आसपास के वार्डों व ओटी से होती है तलाश, अस्पताल प्रबंधन नहीं दे रहा ध्यान
कटनी. एक गंभीर मरीज की जान बचाने के लिए शहर के सरकारी अस्पताल को उधारी का वेंटीलेटर मंगाना पड़ता है! उधारी के वेंटीलेटर से सांसे उपलब्ध करवाने की यह मजबूरी है शहर के जिला अस्पताल की। बहरहाल यह एक वाकया अस्पताल की वह हकीकत बयां करता है, जो जिला अस्पताल को समझौते का नाम देती है। जहां मरीज को उचित इलाज सेवा से समझौता करना पड़ रहा है और स्टॉफ को जीवनरक्षक उपकरणों सहित कई जरूरी सुविधाओं की कमी से। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए बनाया इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) खुद वेंटीलेटर पर है। प्रबंधन की लापरवाही की वजह से आईसीयू की हालात जनरल वार्ड से भी बदतर हो गई है। आईसीयू में ५ से अधिक वेंटीलेटर स्थापित हैं, लेकिन ठीक से काम ही नहीं कर रहे।
तलाश में जुटते हैं कर्मचारी
आईसीयू वार्ड में जब गंभीर बीमारी से पीडि़त मरीज को भर्ती कराया जाता है तो उसे तत्काल वेंटीलेटर की जरुरत होती है। ऐसी स्थिति में न सिर्फ मरीज की सांसें अटकी होती हैं बल्कि परिजनों के साथ नर्सिंग स्टॉफ में भी अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो जाती है। सूत्रों की मानें तो मरीज आने के बाद ओटी व अन्य स्थान से स्टॉफ द्वारा वेंटीलेटर की व्यवस्था की जाती है।
प्रबंधन को कई बार बताया
नाम न छापने की शर्त पर चिकित्सालय के कर्मचारियों ने बताया कि कई दिनों से आईसीयू वार्ड का वेंटीलेटर काम नहीं कर रहा। गंभीर रोगी आने पर दिक्कत हो सकती है। कई बार पूर्व में समस्या से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
इनका कहना है
आईसीयू में गंभीर मरीजों को रखा जाता है, वेंटीलेटर, एबीजी मशीन, ऑक्सीजन प्वाइंट व एसी एकदम सही रहे, इसके लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। कल में स्वयं जाकर पूरी व्यवस्थाएं देखूंगा और ठीक करवाऊंगा।
डॉ. एसके शर्मा, सिविल सर्जन।