कटनी

डबल मंडी टैक्स की मार झेल रहे मसाला उद्योग, कटनी सहित प्रदेश में निवेश और रोजगार को झटका

तुअर पर टैक्स में राहत के बाद अब खड़े मसाले पर भी उद्योगपतियों को सरकार से राहत की उम्मीद, कटनी में एमएसएमई सेक्टर को मिल सकता है बड़ा बल

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Sep 01, 2025
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कटनी. प्रदेश में वर्षों से खड़े मसाला उद्योग डबल मंडी टैक्स की मार झेल रहा है, जिससे कटनी सहित पूरे मध्यप्रदेश में मसाला उद्योग प्रभावित हुआ है। कारोबारी महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश से कच्चा माल (खड़ा मसाला) मंगाते हैं, जिस पर पहले से ही मंडी टैक्स चुकाया जा चुका होता है। लेकिन मप्र में प्रवेश करते ही इन पर फिर से 1.2 प्रतिशत मंडी टैक्स लिया जाता है।
इसी डबल टैक्सेशन के चलते उद्योग धीरे-धीरे अन्य राज्यों में शिफ्ट हो गए। इसका असर स्थानीय रोजगार, निवेश और राज्य सरकार के राजस्व पर भी पड़ा है। गौरतलब है कि हाल ही में 10 जून को राज्य सरकार ने तुअर पर डबल मंडी टैक्स में छूट प्रदान की थी। इसका सकारात्मक असर दाल उद्योग पर पड़ा है और कटनी में तुअर दाल मिलों में फिर से गति देखने को मिल रही है। इसी तरह मसाला उद्योग से जुड़े कारोबारी भी मांग कर रहे हैं कि खड़े मसाले पर लग रहे डबल मंडी टैक्स को हटाया जाए, जिससे यह उद्योग भी फिर से गति पकड़ सके। उद्योगपति मनीष गेई ने कहा कि कटनी में वर्तमान में 8 से 10 खड़े मसाले के कुटीर उद्योग संचालित हो रहे हैं। यदि सरकार टैक्स में राहत देती है तो एमएसएमई सेक्टर में मसाला उद्योग के विस्तार की पूरी संभावना है।

यह होगा फायदा

कारोबारियों का कहना है कि डबल मंडी टैक्स हटने से निवेश में बढ़ोत्तरी होगी, स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, सरकार को 5 प्रतिशत तक जीएसटी से राजस्व प्राप्त होगा, नया उद्योग क्षेत्र विकसित होगा। मसाला उद्योग से जुड़े कारोबारी एचआर पंजवानी कहते हैं कि मंडी टैक्स की दोहरी वसूली उनके मुनाफे को घटा रही है और प्रतिस्पर्धा में पिछड़ा रही है। यदि सरकार इस पर ध्यान देती है तो कटनी समेत पूरे प्रदेश में मसाला उद्योग को नई ऊर्जा मिलेगी।

सरकार को लेना है निर्णय

तुअर पर राहत के बाद अब उम्मीद खड़े मसाले के कारोबारियों को है। यदि मध्यप्रदेश शासन और मंडी बोर्ड इस दिशा में निर्णय लेता है, तो न केवल कटनी बल्कि पूरे प्रदेश का एमएसएमई सेक्टर एक नई दिशा में अग्रसर हो सकता है। कारोबारियों ने बताया कि पूर्व में 2.2 प्रतिशत फिर 1.7 हुआ, फिर 1.2 प्रतिशत टैक्स लग रहा है।

Published on:
01 Sept 2025 08:15 pm
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